1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Jun 09, 2025, 10:26:08 PM
परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो REPORTER
BIHAR: सबसे तेज चलने वाली ट्रेन वंदे भारत की चपेट में कल एक मवेशी आ गया। जिसकी मौके पर ही मौत हो गयी और आज ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गयी है। घटना के 10 घंटे तक रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा रहा। आरपीएफ-जीआरपी और स्थानीय थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई।
किऊल-जसीडीह रेलखंड पर शनिवार को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा जमुई रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर कटौना ओवरब्रिज के नीचे पोल संख्या 391/04 और 391/06 के बीच हुआ। शव की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है।
घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, लेकिन शव देर रात 8 बजे तक रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा। इस दौरान सीमा विवाद को लेकर आरपीएफ, जीआरपी और मलयपुर थाना की पुलिस आपस में ही उलझी रही। किसी ने भी शव को हटाने की जिम्मेदारी नहीं ली।
20 मिनट रुकी रही इंटरसिटी एक्सप्रेस
हादसे के कारण धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस को जमुई रेलवे स्टेशन पर 20 मिनट तक रोकना पड़ा। आरपीएफ के कांस्टेबल विनय कुमार सिंह और सिपाही अरविंद यादव सुबह से ही मौके पर डटे रहे, लेकिन जीआरपी का कोई वरीय अधिकारी नहीं पहुंचा।
मलयपुर थाने से एसआई महेश सिंह घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि आउटर सिग्नल के भीतर हुई घटना की जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी की होती है, जबकि आउटर सिग्नल से बाहर की घटना पर स्थानीय थाना कार्रवाई करता है। वहीं जीआरपी ने दावा किया कि घटना आउटर सिग्नल के आगे की है, इसलिए मामला स्थानीय थाना क्षेत्र में आता है।
शव के पास मिलने वाले मोबाइल से हुई पहचान
करीब 10 घंटे बाद, जब जीआरपी थानाध्यक्ष मनोज देव मौके पर पहुंचे तो शव के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। फोन ऑन करने पर सबसे पहला कॉल मृतक की पत्नी "निभा" का आया, जिन्होंने बताया कि मृतक का नाम प्रभात कुमार (पिता - सुनील दास, निवासी - भोजात, थाना लक्ष्मीपुर) था। पत्नी के अनुसार प्रभात शनिवार सुबह 10 बजे मटिया बाजार से पैसे निकालने के लिए घर से निकले थे, इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
सीमा विवाद सुलझाने पर सहमति बनी, शव भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए
रात करीब 8 बजे मलयपुर थाना अध्यक्ष विकास कुमार और जीआरपी थानाध्यक्ष मनोज देव ने आपसी सहमति से यह तय किया कि सीमा विवाद को बाद में सुलझाया जाएगा, लेकिन पहले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाए। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर प्रभात के शव को जमुई सदर अस्पताल भेजा गया।
थानाध्यक्ष मनोज देव ने बताया कि मृतक की पहचान हो गई है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है।