1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 03, 2026, 1:55:28 PM
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Bihar News : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला से पहले अजगैवीनाथ धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। यहां बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जो न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी एक नया आयाम स्थापित करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं।
करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ग्लास ब्रिज पार्वती मंदिर के उत्तर दिशा में बहने वाली उत्तरवाहिनी गंगा नदी के ऊपर बनाया जाएगा। प्रस्तावित ब्रिज की लंबाई लगभग 30 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर होगी। यह संरचना करीब 200 फीट की ऊंचाई पर स्थित होगी, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक गंगा नदी, अजगैवीनाथ मंदिर और आसपास की पहाड़ियों का अद्भुत और विहंगम दृश्य देख सकेंगे।
स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि श्रावणी मेले के दौरान आने वाले लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव प्रदान करना भी है। नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू ने बताया कि निर्माण कार्य को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इसे आगामी श्रावणी मेले से पहले जनता के लिए खोल दिया जाए।
परियोजना को लेकर संबंधित अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने स्थल का विस्तृत निरीक्षण भी किया है। ब्रिज के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले पारदर्शी और मजबूत टेम्पर्ड ग्लास का उपयोग किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूती दोनों सुनिश्चित की जा सके। एक समय में लगभग 40 लोग इस ग्लास ब्रिज पर चल सकेंगे, जिसके लिए विशेष सुरक्षा मानकों और नियंत्रण व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
इस ग्लास ब्रिज की सबसे खास बात इसका रोमांचक दृश्य अनुभव होगा। यहां से नीचे बहती गंगा नदी का प्रवाह, पानी में उछलती लहरें और डॉल्फिन जैसी दुर्लभ जलीय जीवों की झलक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। खासकर सूर्यास्त और सुबह के समय यह दृश्य और भी मनमोहक होगा, जो फोटोग्राफी और सेल्फी के शौकीनों के लिए स्वर्ग जैसा अनुभव साबित होगा।
परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ढांचे भी विकसित किए जाएंगे। इसमें एक आधुनिक सेल्फी प्वाइंट, वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर और सुरक्षा जांच केंद्र शामिल होंगे। इससे न केवल भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी बल्कि पर्यटकों को व्यवस्थित सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
निर्माण कार्य पुणे की एक निजी निर्माण कंपनी को सौंपा गया है, जिसने तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया है। कंपनी के इंजीनियरों का कहना है कि ग्लास ब्रिज का डिजाइन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित और आकर्षक रहेगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि ग्लास ब्रिज बनने के बाद अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रशासन का भी मानना है कि यह परियोजना आने वाले समय में बिहार के पर्यटन मानचित्र पर अजगैवीनाथ धाम को एक नई पहचान दिलाएगी। श्रावणी मेले के दौरान यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह ग्लास ब्रिज एक नया आकर्षण और यादगार अनुभव साबित होगा।