1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 23 Jan 2026 10:37:45 AM IST
Gaya workers death - फ़ोटो FILE PHOTO
Gaya workers death : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक औद्योगिक प्लांट में हुए भीषण विस्फोट ने गया जिले के एक गांव को मातम में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गोटीबांध गांव के टोला के रहने वाले छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी मृतक मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में छत्तीसगढ़ गए थे।
घटना की खबर मिलते ही गया जिले के गोटीबांध गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की हर गली में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं, जिससे पूरे गांव का माहौल और अधिक गमगीन हो गया है।
मृतकों की पहचान 22 वर्षीय श्रवण कुमार, 22 वर्षीय राजदेव कुमार, 37 वर्षीय जितेंद्र भुइयां, 42 वर्षीय बदरी भुइयां, 40 वर्षीय विनय भुइयां और 40 वर्षीय सुंदर भुइयां के रूप में की गई है। सभी मृतक एक ही गांव और टोला के निवासी थे और आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, गांव के ही उदय यादव नामक ठेकेदार सभी मजदूरों को छत्तीसगढ़ कमाने के लिए ले गया था। ठेकेदार ने मजदूरों को भरोसा दिलाया था कि वहां उन्हें अच्छा काम मिलेगा और ठीक-ठाक मजदूरी भी दी जाएगी। इसी उम्मीद में सभी मजदूर परिवार और बच्चों को गांव में छोड़कर करीब 15 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ रवाना हुए थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि हादसे की सूचना सबसे पहले फोन के जरिए मिली। शुरुआत में किसी को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब एक-एक कर सभी नाम सामने आए तो पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है, वही घर के कमाने वाले सदस्य थे। अब उनके परिवारों के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार स्थित जिस प्लांट में यह हादसा हुआ, वहां अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा।
हादसे की सूचना मिलते ही गया जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया है। वहीं, परिजन सरकार से मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर प्लांट में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो शायद यह हादसा नहीं होता।
गोटीबांध गांव के ग्रामीणों ने बताया कि मजदूरी ही इन परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन थी। गांव से बाहर जाकर मेहनत-मजदूरी करना उनकी मजबूरी थी। अब एक साथ छह लोगों की मौत से गांव की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों के शवों को बिहार लाने की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं, हादसे की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।