1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 06, 2026, 11:20:08 AM
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BIHAR NEWS : बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर को जल्द ही एक बड़ी आध्यात्मिक सौगात मिलने जा रही है। जिले में एक विशाल योग हब के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिसके लिए लगभग 100 से 120 एकड़ जमीन की मांग की गई है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह होगी कि यहां भगवान शिव की करीब 112 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो न केवल श्रद्धालुओं बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।
जानकारी के अनुसार, इस योग हब का निर्माण प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ईशा फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। संस्था की ओर से जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की अपील की गई है। बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट कोयंबटूर और बेंगलुरु में स्थापित आदियोगी केंद्रों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां आध्यात्म और योग को बढ़ावा दिया जाता है।
इस परियोजना को लेकर बिहार सरकार का पर्यटन विभाग भी काफी सक्रिय नजर आ रहा है। विभाग के सचिव ने भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जमीन की उपलब्धता और अन्य आवश्यक पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यदि सभी प्रक्रियाएं अनुकूल रहीं, तो जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू किया जा सकता है।
यह योग हब केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक समग्र आध्यात्मिक और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले लोगों के लिए योगाभ्यास की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही एक विशाल मेडिटेशन हॉल का निर्माण किया जाएगा, जहां लोग ध्यान और मानसिक शांति के लिए समय बिता सकेंगे।
इसके अलावा, इस केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। योग विज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस तरह यह केंद्र न केवल धार्मिक आस्था बल्कि समग्र जीवनशैली सुधार का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
भागलपुर जिले के लिए यह परियोजना कई मायनों में अहम साबित हो सकती है। योग हब के निर्माण से जिले में पर्यटन को नया बढ़ावा मिलेगा। देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गौरतलब है कि भागलपुर पहले से ही अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यहां विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेष और गंगा तट जैसे कई आकर्षण मौजूद हैं। ऐसे में योग हब के जुड़ने से जिले को एक नई पहचान मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह परियोजना भागलपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर ले जा सकती है। यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में भागलपुर देश के प्रमुख योग और आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।