1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 06 Dec 2025 10:42:19 AM IST
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Bihar assembly election : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है। चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया, जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 89 सीटों पर जीत हासिल हुई, जबकि जदयू ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 85 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं लोजपा (रामविलास) ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 29 में से 19 सीटें जीतीं। यह परिणाम न केवल एनडीए की मजबूती को दर्शाते हैं, बल्कि जनता के विश्वास और सरकार के प्रति भरोसे को भी मजबूत करते हैं।
चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अब दलों द्वारा अपने मेहनती कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और पार्टी संदेश को जनता तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, जदयू की ओर से पटना स्थित पार्टी कार्यालय में शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानित करेंगे।
जदयू का सम्मान समारोह: जीत के योद्धाओं को मिलेगा सम्मान
जदयू की ओर से आयोजित इस समारोह का मुख्य उद्देश्य है—उन कार्यकर्ताओं तक आभार प्रकट करना जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर पार्टी को प्रचंड जीत दिलाई। पार्टी ने घोषणा की है कि जिन कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ बनाए रखी, जनता के बीच पार्टी की योजनाओं और कार्यों को प्रभावी तरीके से पहुंचाया, उन्हें मंच पर सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे। समारोह को लेकर पार्टी दफ्तर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जदयू नेतृत्व का मानना है कि जीत का श्रेय सिर्फ शीर्ष नेतृत्व को नहीं, बल्कि हर स्तर पर काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं को जाता है। इसलिए इस कार्यक्रम को ‘मेहनत का सम्मान’ देने वाला अवसर माना जा रहा है।
2020 बनाम 2025: दोगुनी सीटों पर जीत, कार्यकर्ताओं की मेहनत का असर
2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू की स्थिति कमजोर थी, जब पार्टी मात्र 43 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन 2025 में न केवल पार्टी ने वापसी की, बल्कि अपनी सीटों की संख्या को दोगुना कर 85 तक पहुंचा दिया। यह प्रदर्शन पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं, नीतीश कुमार की नीतियों, विकास कार्यों और एनडीए सरकार की प्राथमिकताओं को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया। इसका परिणाम यह हुआ कि जनता ने एक बार फिर एनडीए में अपना भरोसा जताया और नीतीश कुमार को रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का मौका दिया।
बीजेपी ने भी किया था सम्मान समारोह का आयोजन
जदयू का यह आयोजन बीजेपी के सम्मान समारोह की तर्ज पर ही आयोजित किया जा रहा है। 29 नवंबर को पटना के अटल सभागार में बीजेपी ने राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर काम करने वाले बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) 1 को सम्मानित किया था। पार्टी ने चुनाव में उनके महत्वपूर्ण योगदान और बूथ संचालन की जिम्मेदारी को सराहते हुए उन्हें पटना बुलाकर सम्मानित किया।
बीजेपी का यह सम्मान समारोह काफी सफल रहा और इसे संगठन को मजबूत करने के रूप में देखा गया। इसी पैटर्न को अपनाते हुए जदयू भी अपने कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास, जुड़ाव और उत्साह को बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम कर रही है।
जदयू का लक्ष्य: नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और संगठन को मजबूत बनाना
जदयू का मानना है कि सम्मान समारोह सिर्फ एक परंपरात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में संगठन विस्तार और नई ऊर्जा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पार्टी का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवाओं, नए कार्यकर्ताओं और सामाजिक स्तर पर सक्रिय लोगों को संगठन से जोड़ा जाए। समारोह में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को आगामी निकाय चुनावों, पंचायत स्तरीय कार्यों और भविष्य के विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के लिए तैयार करने का संदेश भी दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेतृत्व आगामी महीनों की रणनीति, संगठन विस्तार, योजनाओं के क्रियान्वयन और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा कर सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव 2025 की जीत पर सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देंगे और उन्हें ‘2026 मिशन’ के लिए तैयार रहने का संदेश भी दे सकते हैं।