1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mar 21, 2026, 12:35:06 PM
AI से सांकेतिक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: JDU में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने वाले हैं. इस पर पार्टी के अंदर भारी नाराजगी है. एक गुट दल के वरिष्ठ नेताओं पर ही आरोप लगा रहा है, गुप्त बैठक कर रहा. सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी नेताओं को टारगेट किया जा रहा. हालांकि नेतृत्व ने दल विरोधी आचरण के आरोप में दो नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है. इसी बीच पार्टी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई पत्र जारी कर नहीं, बल्कि आंतरिक तौर पर की गई है .आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है.
तीन नेताओं को चैंबर में घुसने पर पाबंदी
जेडीयू ने अपने तीन नेताओं पर सख्त एक्शन लिया है. तीनों को प्रदेश कार्यालय आने पर रोक लगा दी गई है. तीनों जिस कमरे में बैठते थे, उसमें तालाबंदी कर दी गई है. यानि तीनों नेता जो प्रदेश महासचिव हैं, उन्हें दफ्तर में इंट्री पर अपरोक्ष तौर पर पाबंदी लगाई गई है. बताया जाता है कि कार्यालय के एक ही चैंबर में तीनों महासचिव बैठते थे, ऊपरी आदेश पर कमरे को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. बताया जाता है कि जिन तीन महासचिवों के कक्ष में तालाबंदी की गई है, वे प्रदेश नेतृत्व के काफी करीब थे. ऐसे में यह कार्रवाई प्रदेश स्तर से नहीं,बल्कि ऊपर के आदेश पर हुई है.
कई तरह की मिली थी शिकायत..इसके बाद चैंबर में ताला बंद
जेडीयू के सूत्र बताते हैं कि तीनों महासचिवों के खिलाफ नेतृत्व को कई शिकायतें मिली थी. दफ्तर में बैठकर गुटबाजी, पार्टी विरोधी कार्य, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयानबाजी की गंभीर शिकायत मिली थी. बताया जाता है कि हाल में जिलाध्यक्षों के चुनाव में भी धांधली हुई, इसमें भी इन तीनों महासचिव की भूमिका संदिग्ध मिली. कई नेताओं ने इसकी शिकायत ऊपर तक पहुंचाई. इसके बाद फैसला लिया गया कि जिस चैंबर में ये तीनों नेता बैठते हैं, उसे बंद करा दिया जाय.
संगठन चुनाव में धांधली की शिकायत
हाल में संपन्न जेडीयू संगठन चुनाव में कई तरह की धांधली की शिकायत आई है. मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों में जेडीयू जिलाध्यक्ष चुनाव में गड़बड़ी पर जमकर हंगामा हुआ है. बक्सर जिलाध्यक्ष चुनाव में धांधली की शिकायत को लेकर पिछले हफ्ते पार्टी के प्रदेश कार्यालय के सामने भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था. बक्सर जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार हंगामा किया था। नाराज कार्यकर्ता कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए और प्रदेश नेतृत्व तथा निर्वाचन पदाधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप था कि बक्सर जिला अध्यक्ष चुनाव में अनियमितता हुई है और पक्षपात कर परिणाम घोषित किया गया है।