1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 18, 2025, 7:15:43 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दीघा से कोइलवर तक 35 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क का निर्माण 5500 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह परियोजना बिहार की पहली ऐसी सड़क योजना है, जो हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत निर्माण के साथ-साथ अगले 15 वर्षों तक सड़क का रखरखाव भी निजी एजेंसी की जिम्मेदारी होगी।
इस सड़क में 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि 17.65 किलोमीटर जमीन पर बनेगा। यह सड़क दानापुर और शाहपुर को जोड़ेगी, जो दीघा में जेपी गंगा सेतु और कोइलवर में सोन नदी के पुल से जुड़ेगी, जिससे पटना से आरा तक की यात्रा तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल इस परियोजना की खासियत है। इस मॉडल में सरकार निर्माण लागत का केवल 40% हिस्सा संवेदक को देगी, जबकि बाकी 60% राशि संवेदक स्वयं निवेश करेगा। यह 60% राशि सरकार अगले 15 वर्षों में ब्याज सहित किश्तों में चुकाएगी।
संवेदक को सड़क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी, जिसके लिए अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस मॉडल का उद्देश्य चार साल की समयसीमा में निर्माण पूरा करना और सड़क की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखना है। यह मॉडल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगा और बचत की राशि से अन्य परियोजनाओं को गति मिलेगी। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल को बिहार में सड़कों, पुलों और एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में इस मॉडल की घोषणा की थी और अब इसे दीघा-कोइलवर सड़क पर लागू किया जा रहा है।
निविदा प्रक्रिया में सबसे कम लागत और तकनीकी रूप से सक्षम एजेंसी को प्रोजेक्ट सौंपा जाएगा। यह सड़क कोइलवर-बक्सर फोर-लेन और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगी, जिससे बिहार और यूपी के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
यह फोर-लेन सड़क जेपी गंगा पथ का हिस्सा है, जो गंगा और सोन नदियों के किनारे बनेगा। यह बिहटा, मनेर और दानापुर जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को बायपास करेगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। सड़क के बनने से भोजपुर, बक्सर, सारण और वैशाली के लोगों को पटना तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, वैशाली जैसे बौद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा भी सुगम हो जाएगी।