1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Nov 30, 2025, 7:37:39 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Sand Mining Bihar: बिहार सरकार राज्य के पांच जिलों में बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया तेज करने जा रही है, ताकि निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। पूर्णिया, वैशाली, सारण, गोपालगंज और सुपौल जिलों में बालू घाटों के बंदोबस्त की धीमी गति पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
सरकार का उद्देश्य है कि पूरे राज्य में निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चल सकें और कहीं भी बालू संकट उत्पन्न न हो। इसके बावजूद पांच जिलों में बड़ी संख्या में बालू घाटों का बंदोबस्त अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर इन जिलों में नीलामी प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है।
खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि इन पांच जिलों में घाटों के बंदोबस्त में सुस्ती के कारण कई स्थानों पर बालू माफिया सक्रिय हो रहे हैं। अवैध खनन की वजह से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान भी उठाना पड़ता है।
बैठक के बाद विभाग ने संबंधित जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लंबित घाटों की नीलामी 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें और निविदा प्रकाशित करके प्रक्रिया पूरी करें। विभाग ने यह भी कहा है कि जिन घाटों को पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है, उनकी नीलामी को प्राथमिकता दी जाए।
इसके अलावा, जब तक नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, अधिकारियों को घाटों की नियमित और सघन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार का अवैध खनन न हो सके।