1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 15, 2025, 1:31:38 PM
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Bihar School News: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत अब आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को भी नामी और प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई का अवसर मिल रहा है। पहले जिन स्कूलों को सिर्फ अमीरों के लिए माना जाता था, अब वहां हर बच्चा पढ़ सकता है। ये बच्चे बिना किसी शुल्क के बड़े स्कूलों में पढ़ाई कर सकते हैं।
दरअसल, शिक्षा में समानता की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है। बिहार शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित न रह जाए। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इस योजना का उद्देश्य है कि सभी बच्चों को समान शिक्षा का अवसर मिले और समाज में समानता व न्याय को बढ़ावा मिले।
2025-26 के एकेडमिक सेशन के लिए यह प्रक्रिया दो चरणों में हो रही है। पहले चरण में जिले के 364 प्राइवेट स्कूलों में अब तक 1,640 से अधिक बच्चों का दाखिला हो चुका है। इससे यह स्पष्ट है कि गरीब और वंचित परिवार अब इस योजना के महत्व को समझ रहे हैं और इसका लाभ उठा रहे हैं। दूसरे चरण में अब तक 780 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, इसलिए अधिक से अधिक बच्चों को शामिल करने के लिए आवेदन की तारीख 19 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।
जो माता-पिता दिव्यांग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, वे ज्ञानदीप पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 19 अप्रैल को आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 21 अप्रैल तक दस्तावेज़ों की जांच किया जाएगा जबकि 25 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से स्कूल का आवंटन कर दिया जाएगा।वहीं 26 से 30 अप्रैल चयनित बच्चों का एडमिशन लिया जाएगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य ज़रूरी सामान भी निःशुल्क दिया जाएगा, ताकि पैसे की कमी के कारण कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए। शिक्षा विभाग ने सभी ज़िला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना की जानकारी ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए। साथ ही, अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि आख़िरी तारीख का इंतज़ार न करें और जल्द से जल्द आवेदन करें।