1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 30, 2025, 7:59:32 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Weather: बिहार में मौसम ने अचानक से अपना रंग बदल लिया है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव से 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और सुपौल में भारी वर्षा हो सकती है।
वहीं, वैशाली, सारण, मुजफ्फरपुर, सहरसा, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और शिवहर में भी भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं से तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे ठंड में भी बढ़ोतरी हो जाएगी।
बीते 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई। गया के डोभी में सबसे ज्यादा 72 मिमी बारिश हुई, जबकि सिवान के सिसवन में 20.2 मिमी, गया के डुमरिया में 18.6 मिमी, सिवान के रघुनाथपुर में 12.6 मिमी, औरंगाबाद के कुतुंबा में 10.2 मिमी, मोहनिया में 7.6 मिमी, औरंगाबाद के नवीनगर में 4.2 मिमी, बोधगया में 4 मिमी, भभुआ में 2.6 मिमी, रोहतास के तिलौथू में 2.6 मिमी और बक्सर में 2.4 मिमी वर्षा हुई।
पटना में बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे और छिटपुट वर्षा से न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री रहा। गया में अधिकतम 27.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि भागलपुर में 30.5-25.0 डिग्री सेल्सियस तथा मुजफ्फरपुर में 30.0 और 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह वर्षा रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. शिवनाथ प्रसाद ने बताया कि तापमान में गिरावट से सरसों, चना और गेहूं जैसी फसलें मजबूत होंगी। हालांकि, आंधी-तूफान से खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। IMD ने वज्रपात से बचाव के लिए घरों में रहने और बिजली के उपकरणों से दूर रहने की हिदायत जारी की है। मोंथा तूफान आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा के पास 28 अक्टूबर को लैंडफॉल कर चुका है, लेकिन इसकी नमी वाली हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं। जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।