1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 06 Dec 2025 06:58:52 AM IST
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पटना समेत पूरे बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार शाम से ही राज्य में ठंड का असर तेज हो गया है, जिसकी वजह से लोगों ने कड़ाके की सर्दी का अहसास करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले एक-दो दिनों तक स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। विभाग ने संकेत दिया है कि तेज पछुआ हवा के कारण पश्चिमी और मध्य बिहार के कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति विकसित होने की संभावना है। इसे इस सीजन की कड़ाके की ठंड की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
रात के तापमान में भारी गिरावट
बिहार में पिछले 24 घंटों में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। पटना, गया, भोजपुर और आसपास के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री तक नीचे चला गया है। अचानक आई इस ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। देर शाम से लेकर सुबह तक ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, तेज पछुआ हवा की रफ्तार 12-18 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच रही है, जो शरीर पर सीधे असर डाल रही है और शीतलहर जैसी फीलिंग दे रही है। खासकर खुले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
आज और कल सबसे कठिन दिन साबित हो सकते हैं
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि शनिवार और रविवार राज्य के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। पछुआ हवा की वजह से दिन के तापमान में भी मामूली गिरावट की संभावना है, जबकि रात का तापमान कई जिलों में और नीचे जा सकता है। इससे ठिठुरन और अधिक बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक गिरावट का कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं हैं, जो मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का माहौल बना देती हैं।
कई जिलों में शीतलहर की स्थिति
शीतलहर जैसी स्थिति की चेतावनी खास तौर पर पश्चिमी और मध्य बिहार के जिलों के लिए जारी की गई है। इनमें शामिल हैं—
पटना
गया
भोजपुर
पश्चिम चंपारण
गोपालगंज
कैमूर
रोहतास
औरंगाबाद
अरवल
इन जिलों में हवा की रफ्तार अधिक रहेगी, जिससे तापमान में गिरावट के साथ शरीर पर ठंड का प्रभाव कई गुना अधिक महसूस होगा। सुबह और देर शाम के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बर्फीली हवाओं और अचानक बढ़ी ठिठुरन ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। सुबह-सुबह खेतों में काम करने वाले किसान, दिहाड़ी मजदूर तथा स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बाजारों में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। चाय और गर्म खान-पान वाले दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है, वहीं लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी जुट गए हैं।
अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में बिहार में ठंड का असर और बढ़ सकता है। हालांकि, घना कोहरा अभी बड़े पैमाने पर छाने की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में तेज गिरावट जारी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों पर निर्भर क
रेगा कि ठंड और कितने दिनों तक तीखी बनी रहती है।