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Bihta Aurangabad rail project : पटना-औरंगाबाद रेल संपर्क होगा सुगम, भूमि अधिग्रहण शुरू; 4047 करोड़ रुपये में होगा निर्माण कार्य

पूर्व मध्य रेल की बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। पटना-औरंगाबाद रेल संपर्क सुगम होगा, परियोजना पर 4047 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 30, 2025, 9:53:24 AM

 Bihta Aurangabad rail project : पटना-औरंगाबाद रेल संपर्क होगा सुगम, भूमि अधिग्रहण शुरू; 4047 करोड़ रुपये में होगा निर्माण कार्य

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Bihta Aurangabad rail project : पूर्व मध्य रेलवे की बहुप्रतीक्षित बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना के पहले चरण, यानी औरंगाबाद टर्मिनल से अनुग्रह नारायण रोड तक (12.906 किमी) को 26 जून 2024 को मंजूरी दी थी। वहीं, दूसरे चरण के लिए बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड तक 117.06 किमी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को 30 सितंबर 2025 को स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 4047.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें सिविल इंजीनियरिंग पर 3458.46 करोड़, संकेत एवं दूरसंचार पर 180.08 करोड़ और इलेक्ट्रिकल कार्यों पर 408.47 करोड़ रुपये व्यय होंगे।


प्रथम चरण के लिए पिंक बुक 2025-26 के आइटम संख्या 34 के तहत 42.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। औरंगाबाद जिले के जम्होर, कर्मा, जगदीशपुर, परसा, सुसनार, खैरा बिंद, रामपुर, मोरौली, कठौती, भरथौली और जोकहरी मौजा में 20 सितंबर 2025 को धारा 20(क) के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जिससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई है।


दूसरे चरण के लिए बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड तक भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू होने की संभावना है। पूर्व मध्य रेलवे इसे प्रायोरिटी प्रोजेक्ट घोषित करेगा और राज्य सरकार को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


पहले चरण में औरंगाबाद टर्मिनल से अनुग्रह नारायण रोड तक 12.906 किमी की रेल लाइन पर 385.94 करोड़ रुपये सिविल इंजीनियरिंग, 26.01 करोड़ संकेत एवं दूरसंचार, 8.50 करोड़ सामान्य इलेक्ट्रिकल और 20.14 करोड़ इलेक्ट्रिकल (TRD) पर खर्च होंगे।


दूसरे चरण में बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड तक 117.06 किमी रेल लाइन बिछाने पर 3072.52 करोड़ सिविल इंजीनियरिंग, 154.07 करोड़ संकेत एवं दूरसंचार और 379.83 करोड़ इलेक्ट्रिकल कार्यों पर खर्च किया जाएगा।


परियोजना पूरी होने के बाद पटना और औरंगाबाद के बीच रेल संपर्क सुगम होगा, जिससे माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और यात्री सेवाओं में सुधार आएगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। यह परियोजना पूर्व मध्य रेलवे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और आने वाले वर्षों में दक्षिण बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में नए आयाम जोड़ने वाली है।