1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 05, 2026, 3:30:18 PM
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BPSC News : बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी चयन प्रक्रिया में कई ऐसे सुधार लागू किए हैं, जो आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव इंटरव्यू पैनल को लेकर किया गया है, जहां अब सीधे तौर पर कार्यरत IAS और IPS अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है। इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह नया सिस्टम कोई भविष्य की योजना नहीं बल्कि मौजूदा 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) के इंटरव्यू राउंड से ही लागू किया जा चुका है। जनवरी में शुरू हुए इंटरव्यू अब अंतिम चरण में हैं और जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही आयोग की परीक्षा व्यवस्था अब तय कैलेंडर के अनुसार नियमित रूप से आगे बढ़ रही है।
BPSC ने 71वीं CCE की मुख्य परीक्षा इसी महीने के अंत तक आयोजित करने की योजना बनाई है, जबकि 72वीं CCE का प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) जुलाई में कराए जाने की संभावना है। हाल ही में 69वीं CCE के परिणाम भी जारी कर दिए गए हैं, जिससे आयोग की सक्रियता और पारदर्शिता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
इंटरव्यू पैनल में IAS-IPS की एंट्री क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इंटरव्यू पैनल में कार्यरत वरिष्ठ अफसरों को शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ी? आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को और अधिक व्यावहारिक और निष्पक्ष बनाना है।
पहले इंटरव्यू पैनल में मुख्य रूप से BPSC के सदस्य, सेवानिवृत्त अधिकारी या शिक्षाविद शामिल होते थे। लेकिन अब इसमें फील्ड में काम कर रहे अनुभवी IAS और IPS अधिकारियों को भी जोड़ा गया है। माना जा रहा है कि ये अधिकारी उम्मीदवारों की प्रशासनिक समझ, निर्णय क्षमता और वास्तविक परिस्थितियों में व्यवहारिक सोच को बेहतर तरीके से परख सकते हैं।
विशेष रूप से IAS अधिकारी प्रशासनिक निर्णय लेने की क्षमता को समझने में मदद करेंगे, जबकि IPS अधिकारी उम्मीदवार की पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सोच का मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे चयन प्रक्रिया अधिक वास्तविक और परिणाम आधारित बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
BPSC में लगातार हो रहे बड़े सुधार
पिछले कुछ वर्षों, विशेषकर 2023 से 2026 के बीच, BPSC ने अपनी परीक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा को पारदर्शी, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना बताया जा रहा है।सबसे पहले प्रीलिम्स परीक्षा को अधिक संरचित बनाने के लिए इंटीग्रेटेड सिस्टम लागू किया गया, जिससे उम्मीदवारों का समय बच सके। इसके बाद नकारात्मक अंकन (Negative Marking) की व्यवस्था लागू की गई ताकि अनुमान आधारित उत्तरों पर रोक लगाई जा सके।
मेन्स परीक्षा में भी बड़ा बदलाव करते हुए 300 अंकों का निबंध पेपर जोड़ा गया, जिसका उद्देश्य रटने की बजाय विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच को बढ़ावा देना है। इसके अलावा वैकल्पिक विषयों को केवल क्वालिफाइंग और ऑब्जेक्टिव रखा गया है, जिससे फाइनल मेरिट में उनकी भूमिका समाप्त हो गई है। इस बदलाव से लंबे समय से चल रहे स्केलिंग विवादों को भी काफी हद तक खत्म करने की कोशिश की गई है।
चयन प्रक्रिया में बढ़ेगी पारदर्शिता और पेशेवरता
नए सुधारों के तहत BPSC का दावा है कि चयन प्रक्रिया अब अधिक पेशेवर और निष्पक्ष बनेगी। इंटरव्यू पैनल में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से स्थानीय प्रभाव और पक्षपात की संभावना कम होगी। इसके साथ ही यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि अब ऐसे उम्मीदवारों का चयन होगा जिनमें डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व क्षमता और जमीनी समस्याओं की समझ जैसे आधुनिक प्रशासनिक गुण मौजूद हों। यह बदलाव बिहार प्रशासन को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सख्त परीक्षा कैलेंडर पर काम करेगा आयोग
BPSC के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आयोग अब पूरी तरह एक निश्चित और सख्त वार्षिक कैलेंडर के अनुसार काम कर रहा है, जो काफी हद तक UPSC की कार्यप्रणाली से मेल खाता है। उनका कहना है कि अब परीक्षा प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित रखना प्राथमिकता है। अधिकारी ने यह भी कहा कि अब केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उम्मीदवारों की प्रशासनिक फिटनेस, नैतिक समझ और व्यावहारिक सोच भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
BPSC में किए जा रहे ये बदलाव बिहार की प्रशासनिक भर्ती प्रणाली को नए दौर में ले जाने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं। IAS और IPS अफसरों की इंटरव्यू में भागीदारी, परीक्षा कैलेंडर का सख्ती से पालन और पैटर्न में सुधार—ये सभी कदम मिलकर आने वाले समय में चयन प्रक्रिया को अधिक मजबूत, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बना सकते हैं।