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अरवल की इस अभ्यर्थी को मुख्यमंत्री ने दिया पहला नियुक्ति पत्र...इतने शिक्षकों को गांधी मैदान में मिली नौकरी

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से चयनित 51 हजार 389 शिक्षकों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र सौंपा। रविवार को 11 बजे दिन में कार्यक्रम का आयोजन किया गा था, जिसमें दोनों डिप्टी सीएम भी मौजूद थे।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 09, 2025, 12:49:51 PM

 अरवल की इस अभ्यर्थी को मुख्यमंत्री ने दिया पहला नियुक्ति पत्र...इतने शिक्षकों को गांधी मैदान में मिली नौकरी

- फ़ोटो IPRD

Patna News : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से चयनित 51 हजार 389 शिक्षकों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र सौंपा। रविवार को 11 बजे दिन में कार्यक्रम का आयोजन किया गा था, जिसमें दोनों डिप्टी सीएम भी मौजूद थे। सबसे पहला नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री ने अरवल की नूतन कुमारी को सौंपा। यहां करीब दस हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया, जबकि अन्य शिक्षकों को जिलों में आयोजित कार्यक्रम में नियुक्ति सौंपे गए। आयो की शिक्षक भर्ती फेज-3 के तहत चयनित शिक्षकों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। 


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने पटना, नालंदा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, अरवल, सारण, वैशाली के नवनिर्वाचित शिक्षकों को गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र प्रदान किया, जबकि शेष 31 जिलों में नियुक्ति पत्र वितरण के लिए समारोह आयेजित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यहां के भी अभ्यर्थी और अधिकारी गांधी मैदान के कार्यक्रम से जुड़े रहे। इस दौरान पटना का गांधी मैदान शिक्षकों से भर गया था। गांधी मैदान में बीपीएससी टीआरई-3 के 10 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया।


सबसे पहला नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों दिलवाया गया। सीएम ने अरवल की नूतन कुमारी को पहला नियुक्ति पत्र दिया। वे गुरूग्राम में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थीं। वहां से इस्तीफा देकर वे बीपीएससी टीचर बनीं हैं। नूतन कंप्यूटर साइंस की टीचर बनी हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राज्य में महिलाओं के कुछ भी नहीं किया गया। पहले क्या था, शाम के बाद कोई निकलता था। पत्रकार लोग से आग्रह है कि पुराना बात आप लोग सबको बताइये। आज शिक्षा में लड़कियां भी लड़के के बराबर हैं। हमारी सरकार कुल खर्च का 22 प्रतिशत राशि शिक्षा पर ही खर्च कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोशाक योजना, साइकिल योजना आदि का जिक्र करते हुए कहा कि संभावना है कि आगे और अधिक राशि शिक्षा पर खर्च की जाएगी।