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पटना में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, मारूफगंज मंडी में वरुण पूजा घी के नाम पर बन रहा था नकली सामान

पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मारूफगंज मंडी में नकली खाद्य सामग्री के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। वरुण पूजा ब्रांड के नाम पर नकली घी बनाने और बेचने का गोरखधंधा किया जा रहा था।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 23, 2025, 10:40:17 PM

BIHAR POLICE

नकली खाद्य सामग्री से खतरा - फ़ोटो GOOGLE

PATNA CITY: खाद्य सामग्री में मिलावट और नकली उत्पादों का धंधा कानून की सख्ती के बावजूद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला बिहार की राजधानी पटना से सामने आया है, जहां एक नामी ब्रांड ‘वरुण पूजा’ घी की नकली पैकिंग कर उसे बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस और कंपनी की संयुक्त छापेमारी में करोड़ों रुपये मूल्य के नकली घी और उससे जुड़े सामान बरामद किए गए हैं।


यह कार्रवाई पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मारूफगंज मंडी में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर वरुण पूजा कंपनी के अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस के साथ एक गोदाम पर छापा मारा। इस छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकली घी से भरे डब्बे, ब्रांडेड रैपर, कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई है।


कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, नकली घी को हूबहू असली वरुण पूजा घी के डब्बों में पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। इस फर्जीवाड़े से कंपनी को न केवल लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि ग्राहकों की सेहत से भी खिलवाड़ किया जा रहा था।


पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और नकली घी का नेटवर्क किन इलाकों में फैला हुआ है।


कंपनी ने जताई चिंता, उपभोक्ताओं से की अपील

वरुण पूजा घी कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घी खरीदते समय सतर्क रहें और सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से ही उत्पाद खरीदें। साथ ही उन्होंने नकली उत्पादों की पहचान के लिए कुछ जरूरी टिप्स भी साझा किए हैं, ताकि उपभोक्ता ठगी का शिकार न हों।


नकली खाद्य सामग्री से खतरा

गौरतलब है कि नकली खाद्य सामग्री से लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में यह मामला उपभोक्ता सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम समेत आईपीसी की सुसंगत धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी।