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Illegal sand mining : बिहार में अवैध बालू खनन पर सख्ती: 400 पुलिस बल की तैनाती, तीन दिन में राजस्व लक्ष्य पूरा करने का आदेश

अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक के लिए बिहार सरकार सख्त हुई है। खान एवं भूतत्व विभाग ने गृह विभाग को 400 पुलिस बल तैनात करने का प्रस्ताव भेजा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 24, 2025, 8:50:04 AM

Illegal sand mining : बिहार में अवैध बालू खनन पर सख्ती: 400 पुलिस बल की तैनाती, तीन दिन में राजस्व लक्ष्य पूरा करने का आदेश

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Illegal sand mining : राज्य में अवैध बालू खनन, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने गृह विभाग को विभिन्न जिलों में 400 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री एवं खान–भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय कार्यकलापों की समीक्षा बैठक के दौरान दिया। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बालू माफिया के खिलाफ अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।


समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार छापेमारी जारी रखी जाए। साथ ही राजस्व संग्रह की गति तेज करने का आदेश दिया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिनों के भीतर निर्धारित राजस्व संग्रह लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। जो अधिकारी लक्ष्य हासिल करने में विफल रहेंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


बैठक में संवेदनशील बालू घाटों और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बिना नंबर प्लेट, फर्जी नंबर प्लेट या ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा जिलों में खान विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत करने के निर्देश भी जारी किए गए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जो जिले राजस्व लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं, विशेष रूप से पटना, रोहतास, औरंगाबाद और गया, वहां स्थिति की अलग से समीक्षा की जाएगी। इन जिलों के लिए निदेशक स्तर पर विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बालू माफिया की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। इसी क्रम में गृह विभाग को इन जिलों सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में 400 पुलिस बल की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि मौके पर ही सख्त कार्रवाई संभव हो सके।


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बालू घाटों तक जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अवैध परिवहन पर नजर रखी जा सके। जिन बालू घाटों की अब तक नीलामी नहीं हुई है, उनकी नीलामी को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि जब्त किए गए बालू का 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राजस्व हानि न हो और व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।


बालू घाटों पर कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैठक में एक समिति के गठन का निर्णय लिया गया। यह समिति घाटों पर काम करने वाले कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने की व्यवस्था करेगी, जिससे उन्हें रोजगार से जुड़े सभी वैधानिक लाभ मिल सकें और अवैध रूप से काम कराने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।


इसके अलावा, बालू भंडारण और लाइसेंस संबंधी नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। विभाग द्वारा 29 दिसंबर से 16 जनवरी तक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लाइसेंसधारकों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि जागरूकता और सख्ती दोनों के माध्यम से ही अवैध बालू खनन पर स्थायी नियंत्रण संभव है।


कुल मिलाकर, राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सख्त निगरानी, तकनीकी उपाय और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सरकार इस समस्या पर कड़ा प्रहार करने की तैयारी में है।