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Bihar News: बिहार में नए रेल पुल को मिली मंजूरी, प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे इतने हजार करोड़; इन जिलों से होगी सीधी कनेक्टिविटी

Bihar News: मुंगेर, जमालपुर, बेगूसराय और खगड़िया के लिए बड़ी राहत—रेल मंत्रालय ने श्रीकृष्ण सेतु के समानांतर नए रेल पुल, जमालपुर–मुंगेर डबल लाइन और बाइपास निर्माण को मंजूरी दी। परियोजना से औद्योगिक कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 02, 2025, 7:19:40 PM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के लोगों के लिए गुड न्यूज है। रेल मंत्रालय ने श्रीकृष्ण सेतु के समानांतर एक नए रेल पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मुंगेर–जमालपुर के बीच दूसरी रेल लाइन और बाइपास निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है। यह परियोजना मुंगेर को बिहार एवं झारखंड के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे व्यापार और कनेक्टिविटी दोनों में बढ़ोतरी होगी।


28 नवंबर को प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत हुए 103वें नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की बैठक में इस परियोजना सहित तीन अन्य रेल योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। रेल मंत्रालय ने पूर्वी और पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन में जमालपुर–मुंगेर–खगड़िया डबल लाइन, गंगा नदी पर नए रेल पुल और जमालपुर एवॉइडिंग लाइन के निर्माण पर कुल 1890 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। इसमें जमालपुर से मुंगेर और खगड़िया से उमेश नगर तक रेल लाइन को डबल किया जाएगा।


मुंगेर रेल ब्रिज को शुरू हुए 9 वर्ष पूरे हो चुके हैं और वर्तमान में जमालपुर, भागलपुर, बेगूसराय और खगड़िया के लिए मात्र 5–6 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। लेकिन नए पुल, डबल लाइन और रतनपुर बाइपास के बाद मालगाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। साथ ही जमालपुर–मुंगेर, भागलपुर–मुंगेर और बेगूसराय–खगड़िया–मुंगेर रेलखंड पर कई एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनें 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी।


यह विस्तारित कॉरिडोर गंगा मैदानी क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरता है और कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—जैसे आईटीसी, सीताकुंड औद्योगिक क्षेत्र, ऑर्डनेंस गन फैक्ट्री, जमालपुर वर्कशॉप, भागलपुर मेगा हैंडलूम क्लस्टर, कहलगांव और बरौनी तापीय विद्युत स्टेशन—को मजबूत रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।


पूर्व रेलवे के सीपीआरओ वेद प्रकाश के अनुसार, यह परियोजना तेज, सुरक्षित और निर्बाध रेल संपर्क प्रदान करते हुए क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देगी। औद्योगिक एवं खनन क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण लिंक बनने से परिवहन लागत कम होगी और भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही उद्योगों, रेलवे यार्डों और लोडिंग-अनलोडिंग क्षेत्रों में ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन हाई-स्पीड में संभव हो सकेगा।