1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 7:43:10 AM
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Bihar Rajya Sabha Election : राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही उम्मीदवारों की संपत्ति का भी खुलासा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भाजपा उम्मीदवार शिवेश कुमार ने अपने-अपने हलफनामे में आय, चल-अचल संपत्ति और देनदारियों से जुड़ी जानकारी दी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हलफनामे के अनुसार उनकी कुल चल संपत्ति करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपये है। वहीं उनकी पत्नी के पास 84 लाख रुपये की चल संपत्ति है। नितिन नवीन के नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है, जबकि उनकी पत्नी के पास करीब 1 करोड़ 47 लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है।
हलफनामे के मुताबिक नितिन नवीन के पास 55 हजार रुपये नकद हैं, जबकि विभिन्न बैंकों में उनके करीब 62 लाख रुपये जमा हैं। वाहन के तौर पर उनके पास एक स्कॉर्पियो और एक इनोवा क्रिस्टा कार है। हालांकि उन पर करीब 32 लाख रुपये का लोन भी बकाया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने अपने एफिडेविट में यह सभी जानकारी दी है।
वहीं भाजपा के दूसरे उम्मीदवार शिवेश कुमार ने भी अपने हलफनामे में आय और संपत्ति का ब्यौरा दिया है। दस्तावेज के अनुसार उनकी वार्षिक आय 24 लाख 35 हजार रुपये है, जबकि उनकी पत्नी की वार्षिक आय 6 लाख 57 हजार रुपये है।
शिवेश कुमार के पास 2 लाख 24 हजार रुपये नकद हैं और विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थानों में करीब 24 लाख रुपये जमा हैं। वाहन के रूप में उनके पास स्कॉर्पियो, मारुति और इनोवा क्रिस्टा कार है। उनकी कुल चल संपत्ति लगभग 98 लाख रुपये बताई गई है।
अचल संपत्ति की बात करें तो शिवेश कुमार के पास करीब 2 करोड़ 72 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। इसके अलावा उन्होंने हलफनामे में बताया है कि उनके पास एक रिवॉल्वर और एक राइफल भी है। वहीं उन पर करीब 12 लाख 20 हजार रुपये का लोन भी बकाया है।
शैक्षणिक योग्यता के अनुसार शिवेश कुमार ने वर्ष 1987 में बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय अपने एफिडेविट में आय और संपत्ति से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की है।
राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए इन हलफनामों के जरिए उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति और संपत्ति का पूरा विवरण सामने आया है, जिससे मतदाताओं और जनता को नेताओं की वित्तीय स्थिति के बारे में पारदर्शी जानकारी मिलती है।