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BIHAR NEWS : शिवहर डीडीसी ब्रजेश कुमार के ठिकानों पर SVU की बड़ी रेड, मोतिहारी-पटना में एक साथ कार्रवाई; आय से अधिक संपत्ति का आरोप

शिवहर के DDC ब्रजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पटना, मोतिहारी और शिवहर में छापेमारी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 24, 2026, 9:57:51 AM

BIHAR NEWS : शिवहर डीडीसी ब्रजेश कुमार के ठिकानों पर SVU की बड़ी रेड, मोतिहारी-पटना में एक साथ कार्रवाई; आय से अधिक संपत्ति का आरोप

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Bihar News : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई की टीम ने मंगलवार को बड़ी छापेमारी की। इस दौरान शिवहर के डीडीसी (उप विकास आयुक्त) ब्रजेश कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ रेड की गई। यह कार्रवाई शिवहर, मोतिहारी और पटना समेत कई स्थानों पर एक साथ चल रही है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


सूत्रों के मुताबिक, विशेष निगरानी इकाई को ब्रजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अदालत से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। मंगलवार सुबह से ही निगरानी की अलग-अलग टीमें उनके सरकारी और निजी ठिकानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान में जुट गईं।


शिवहर स्थित सरकारी आवास के अलावा टीम ने मोतिहारी में उनके पैतृक घर और पटना में मौजूद फ्लैट पर भी एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने घर के दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े कागजात, निवेश से संबंधित फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले। बताया जा रहा है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण भी टीम के हाथ लगे हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।


विशेष निगरानी इकाई के एक अधिकारी ने बताया कि बृजेश कुमार, जो वर्तमान में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी, शिवहर के पद पर तैनात हैं, के खिलाफ u/s 13(1)(b) r/w 13(2) r/w 12 of PC Act 1988 (as amended in 2018) के तहत आय से अधिक सम्पत्ति रखने के आरोप में कांड संख्या-11/2026 दर्ज किया गया है। 


अभियुक्त पर आरोप है कि सेवा अवधि के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए और बिहार सरकार में एक लोक सेवक होने के नाते उन्होंने अवैध रूप से और जान बूझकर लगभग 1,84,32,900 /- रुपये की नजायज संपत्ति अर्जित की, जो उनके ज्ञात कानूनी आय के स्रोतों से अधिक है। आज विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना के द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर बेतिया, सीतामढ़ी एवं शिवहर में आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसरों में एक साथ तलाशी चल रही है।


जानकारी हो कि, बृजेश कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है। मुजफ्फरपुर में तत्कालीन एसडीओ (पश्चिमी) के पद पर तैनाती के दौरान भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2021 में साहेबगंज थाना क्षेत्र के निवासी निपेंद्र कुमार सिंह ने निगरानी विभाग, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर शिकायत की थी। आरोप था कि बृजेश कुमार जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के नवीकरण के नाम पर बिचौलियों के माध्यम से प्रति दुकान 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की वसूली कर रहे थे। उस समय यह भी चर्चा थी कि उनके कार्यालय और आवास पर दलालों का जमावड़ा लगा रहता था। हालांकि, बाद में स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौते के बाद वादी ने शिकायत वापस ले ली थी, लेकिन भ्रष्टाचार के उन आरोपों ने प्रशासन की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे।


इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। ब्रजेश कुमार को एक सख्त और प्रभावशाली अधिकारी माना जाता रहा है, ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस छापेमारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।


मोतिहारी में छापेमारी के दौरान निगरानी टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से इलाके को घेर लिया, ताकि किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। वहीं पटना में भी टीम ने फ्लैट में मौजूद लोगों से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि सभी जगहों से एकत्र किए गए साक्ष्यों का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


गौरतलब है कि बिहार में पिछले कुछ समय से निगरानी विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रहा है। कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए जा चुके हैं और छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी काफी अहम मानी जा रही है।


फिलहाल ब्रजेश कुमार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निगरानी विभाग का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सेवा नियमों के तहत भी कदम उठाए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार और प्रशासन की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


समीर कुमार झा की रिपोर्ट