1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 05, 2026, 12:46:21 PM
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Bihar Politics : बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को धोखा दिया है और बिहार की जनता अब सत्ता परिवर्तन चाहती है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी पहले से ही यह कहती रही है कि भाजपा की रणनीति अपने सहयोगी दलों को कमजोर करने की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धीरे-धीरे जदयू को कमजोर करने की योजना बनाई और अब वही स्थिति सामने दिख रही है। तेजस्वी ने कहा कि “आज जो कुछ भी हो रहा है, वह सब पहले से तय था। भाजपा चाहती है कि बिहार में ऐसा मुख्यमंत्री बने जो सिर्फ रबर स्टैंप की तरह काम करे।”
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान भी उन्होंने कई बार यह बात कही थी कि भाजपा और जदयू के बीच वास्तविक शक्ति संतुलन नहीं है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि “नीतीश जी को घोड़ी पर चढ़ाकर दूल्हा बनाया गया है, लेकिन फेरे किसी और के साथ दिलाए जा रहे हैं।” उनका कहना था कि अब वही बात सच साबित होती नजर आ रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि कोई ओबीसी, अति पिछड़ा, दलित या आदिवासी समाज से आने वाला मजबूत नेता स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़े। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कई राज्यों में ओबीसी चेहरा सामने रखती है, लेकिन असली फैसले कहीं और से होते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका और Nitish Kumar का राजनीतिक रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कुछ समय तक वे उनके साथ सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे, लेकिन अधिकतर समय वे विपक्ष में ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी 2024 को जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़कर फिर से भाजपा के साथ सरकार बनाई थी, तब भी उसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं बताई गई थी।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा जिन राज्यों में अपने सहयोगी दलों के साथ सत्ता में रही है, वहां धीरे-धीरे उन दलों को कमजोर कर दिया गया। तेजस्वी ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में Shiv Sena और पंजाब में Shiromani Akali Dal के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनका कहना था कि भाजपा की यही राजनीतिक रणनीति बिहार में भी अपनाई जा रही है।
पत्रकारों ने जब तेजस्वी यादव से पूछा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो क्या वे उन्हें अपनी पार्टी या गठबंधन में आने का निमंत्रण देंगे? इस सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात बिहार की जनता की भावना है। उन्होंने कहा कि “हम पहले भी कह चुके हैं कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। जनता सत्ता परिवर्तन के पक्ष में है और यही लोकतंत्र की असली आवाज है।”
तेजस्वी ने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत रिश्तों से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का हित होता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य के लिए काम किया है। इसलिए वे उनके अच्छे स्वास्थ्य और भविष्य की कामना करते हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा लगातार दबाव बनाकर नीतीश कुमार को मानसिक रूप से परेशान कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा ने 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर “2025 से 2030 फिर से नीतीश” का नारा दिया था, लेकिन अब वही पार्टी नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है, क्योंकि विपक्ष पहले से ही इसे सत्ता परिवर्तन का संकेत बता रहा है और सत्तापक्ष अपनी रणनीति को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।