1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 05, 2025, 8:43:29 AM
CAA की नागरिकता - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
CAA : बिहार में पहली बार Citizenship Amendment Act, 2019 यानी सीएए के तहत नागरिकता का सर्टिफिकेट जारी किया गया है। सेंसेक्स और सिटिजन रजिस्ट्रेशन के निदेशक एम रामचंद्रन के साथ राज्यस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में यह प्रमाण पत्र जारी किया गया है। बिहार सचिवालय में यह अहम बैठक हुई थी। इस कमेटी ने भोजपुर जिले की एक महिला सुमित्रा रानी सारा के एप्लिकेशन पर विचार-विमर्श करने के बाद यह सर्टिफिकेट जारी किया है।
दरअसल, 60 साल की सुमित्रा बिहार की पहली शख्स हैं जिन्हें सीएए के तहत देश की नागरिकता हासिल हुई है। उन्होंने जो एप्लिकेशन दिया था कि उसे जिला स्तर की एक कमेटी ने अपनी तरफ से जांच के बाद आगे बढ़ाया था। तमाम बैठकों के बाद महिला का यह सर्टिफिकेट बनाया गया और उन्हें इमेल तथा एसएमएस नोटिफिकेशन के जरिेए यह सौंपा गया।
वहीं,सर्टिफिकेट में इस बात का जिक्र है कि यह सीएए ऐक्ट, 2019 के तहत बिहार में जारी किया जाने वाला पहला सर्टिफिकेट है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुमित्रा साहा इस वक्त आरा शहर में डीटी रोड पर रहती हैं। उनके साथ उनकी बेटी ऐश्वर्या प्रसाद भी रहती हैं। वो घरेलू उपकरणों की दुकान चलाती हैं। सहा ने कहा कि उनकी मां का घर कटिहार जिले में है। 5 साल की उम्र में वो बांग्लादेश के राजशाही शहर में शिफ्ट हो गई थीं।
सुमित्रा के चाचा और चाची वहां रहते थे और वो यहां पढ़ाई के लिए आई थीं। सुमित्रा ने कहा, 'मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मैं वहां गई थी। मेरे चाचा जॉब में थे। 19 जनवरी, 1985को मैं कटिहार आ गई जहां मेरा परिवार रहता था। करीब 2 महीने बाद 10 मार्च को मेरी शादी परमेश्वर प्रसाद के संग हुई, वो आरा में एक व्यापारी हैं।'
सुमित्रा ने बताया कि उसके बाद से वो अपना वीजा रिन्यू कराने के लिए समय-समय पर कोलकाता आती-जाती रहती थीं।' सुमित्रा ने बताया, 'जब मैंने साल 2024 में कोलकाता में वीजा रिन्यू के लिए अप्लाई किया तब वहां अथॉरिटी ने मुझे सीएए के बारे में बताया और तीन साल के लिए मेरा वीा रिन्यू किया।' । सुमित्रा की बेटी ऐश्वर्या ने कहा कि उनकी तीन बहनें हैं और उनमें से दो की शादी हो चुकी है। साल 2020 में कैसर से उनके पिता का निधन हो गया था। उसके बाद से वो ही अपनी मां का ख्याल रखती हैं और यह दुकान चलाती हैं।