Hindi News / bihar / patna / Bihar School News :नए साल में शिक्षा विभाग का नया प्लान, अब स्कूल...

Bihar School News :नए साल में शिक्षा विभाग का नया प्लान, अब स्कूल में पढ़ना होगा पहले से भी आसान; ACS एस सिद्धार्थ ने लिया फैसला

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अभी अधिक समस्या का सामना नहीं करना होगा। इनकी पढ़ाई समय पर हो इसको लेकर शिक्षा विभाग ने नए साल में बड़े कदम उठाने का फैसला किया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 31, 2024, 8:17:40 AM

bihar school news

बिहार के सरकारी स्कूल - फ़ोटो GOOGLE

Bihar School News : बिहार शिक्षा विभाग में नए सेशन को लेकर तैयारियों को अब अंतिम मुकाम दिया जा रहा है। पटना जिले के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए किताबों की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए कुल 4,16,068 पुस्तकों की मांग की गई है। इसके बाद इसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 


इसको लेकर जिला शिक्षा कार्यालय ने बताया कि मार्च माह से ही इन पुस्तकों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा ताकि नए सत्र की शुरुआत, जो कि अप्रैल के पहले सप्ताह में होगी से तबतक पहले सभी विद्यार्थियों के पास अपनी-अपनी किताबें हों। जिला शिक्षा कार्यालय के मुताबिक, जिले के सभी प्रखंडों में पुस्तकों की मांग की गई है। 


विद्यालयों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक प्रखंड में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पुस्तकों की मांग की गई है। नए सत्र की पढ़ाई अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू करने की योजना है। इसके लिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी विद्यालयों में छात्रों को समय पर किताबें मिल जाएं। जिला शिक्षा कार्यालय इस प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रख रहा है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि पहले चरण में कक्षा एक, दो, तीन और चार के विद्यार्थियों को पुस्तकें बांटी जाएंगी। इसके बाद कक्षा पांच से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पुस्तकें बांटी जाएंगी। जैसे-जैसे विभिन्न कक्षाओं की पुस्तकें आती जाएंगी, उन्हें स्कूलों में बांटा जाएगा। उन्होंने बताया कि पुस्तकों का वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।


इधर, शिक्षा विभाग का लक्ष्य तय किया है कि नए सत्र की शुरुआत से पहले सभी विद्यार्थियों के पास अपनी-अपनी पाठ्यपुस्तकें हों। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी भी तरह की दिक्कत न आए। शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को निर्बाध रूप से शुरू करना और उनके शिक्षण अनुभव को बेहतर बनाना है।