1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 19, 2025, 2:30:26 PM
अवैध वसूली गैंग - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी शहर में ऑटो रिक्शा चालकों से लंबे समय से जबरन वसूली करने वाला एक गिरोह आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को हिरासत में लिया है। हालांकि, इस रैकेट के मुख्य सरगना संतोष पटेल और प्रेम पटेल अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
यह गिरोह शहर के प्रमुख टेंपो स्टैंड्स जैसे रीगा रोड, गौशाला चौक, रेलवे स्टेशन परिसर, मेहसौल और बऊआ हनुमान मंदिर के पास सक्रिय था। ये लोग ऑटो चालकों से पैसे वसूलते थे और बदले में फर्जी रंग-बिरंगी रसीदें थमा देते थे। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम द्वारा विधिवत वसूली वाले स्थानों के ठीक बगल में यह गैंग खुलेआम अवैध उगाही करता था। ट्रैफिक पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारी इसकी जानकारी होने के बावजूद चुप्पी साधे रहे, जिसने इस रैकेट को और बढ़ावा दिया।
पुलिस की छापेमारी में गिरफ्तार आरोपियों में प्रमोद कुमार (पुनौरा), उमर (मेहसौल), दीपक झा (गौशाला चौक), शमीम (मेहसौल वार्ड 27), नौशाद और गुलजार (आजाद चौक) शामिल हैं। इनके पास से 5921 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और फर्जी रसीदें बरामद हुईं हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि संतोष पटेल और प्रेम पटेल इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड हैं, जो खुद प्रमुख चौकों पर वसूली करते थे, जबकि उनके साथी रेलवे स्टेशन, ईदगाह और हनुमान मंदिर के पास चालकों से पैसे ऐंठते थे।
इस बारे में सदर डीएसपी रामकृष्णा ने बताया कि इस मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी दल में ट्रैफिक डीएसपी दीपक कुमार, नगर थानाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह और मेहसौल थानाध्यक्ष फेराज हुसैन शामिल थे। पुलिस अब फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।