1st Bihar Published by: Vikramjeet Updated Apr 25, 2025, 3:54:17 PM
आतंक के खिलाफ एकजुटता - फ़ोटो google
BIHAR NEWS: जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में 22 अप्रैल को खुलेआम नरसंहार किया गया। दहशतगर्दों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा फिर गोलियों से भून डाला। कायराना हरकत करने वाले आतंकवादियों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। 28 सैलानियों को एके 47 से छलनी कर दिया। वहां के नजारे को जिस किसी ने देखा रूह कांप गई। घटना बैसरन घाटी की है। जहां मंगलवार 22 अप्रैल को पौने तीन बचे आतंकवादियों ने घूमने आए टूरिस्टों पर हमला कर दिया। एक साथ 28 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। वही दो दर्जन टूरिस्ट घायल हो गये।
घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात कही जा रही है। जिसे लेकर हर जगह पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार के वैशाली में जुम्मे की नमाज के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये। हाथ में काला फीटा बांधकर नमाज पढ़ा गया। नमाज पढ़ने के बाद मुसलमानों ने एक सूर में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये। हाजीपुर के रहने वाले सद्दाम मियां ने कहा कि एक बेगुनाह इंसान का कत्ल, सारी इंसानियत का कत्ल है। आतंकवादियों ने जो कायराना हरकत किया है, उसकी सजा उसे जरूर मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये लोग नकारा है, नालायक.,कमीना और सुअर का औलाद है। वही मस्जिद में नमाज पढ़ने आए मुसलमानों ने एक सूर में हिन्दुस्तान जिंदाबाद, इंडियन आर्मी जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। कहा कि आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, आतंकवादियों को ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि उसका सात नश्ल याद रखे। हम यह ये संदेश देना चाहते हैं हिन्दू-मुस्लिम-सीख-ईसाइ सब भाई-भाई है। हमलोग जुम्मा का नमाज पढ़कर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं।
आतंकवादियों का ना तो कोई धर्म होता है और ना ही कोई जात होती है. ना किसी मजहब के होते है। आतंकवाद के खिलाफ भारतीयों मुसलमानों ने अपनी आवाज बुलंद की। जुम्मे की नमाज अदा करने के दौरान काला फीटा लगाकर इस कायराना हरकत का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि वे भारत के वफादार नागरिक हैं। वे किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते। उन्होंने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।