1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 04, 2025, 2:57:40 PM
DGCA ने नई ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी - फ़ोटो GOOGLE
DGCA New Rules 2025:हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार अब यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने नई ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें यात्रियों के हित में कई बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइन यात्रियों को टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर टिकट को फ्री में कैंसिल या मोडिफाई करने की सुविधा मिलेगी, यानी उन्हें किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
सरकार के इस फैसले का मकसद यात्रियों को राहत देना और एयरलाइंस कंपनियों द्वारा टिकट कैंसिलेशन पर वसूले जाने वाले भारी चार्ज पर लगाम लगाना है। अब तक एयरलाइंस कंपनियां कैंसिल टिकट पर सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक चार्ज वसूलती थीं, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
क्या हैं DGCA के नए नियम?
नई गाइडलाइंस के तहत, यात्रियों को टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर फ्री कैंसिलेशन या मोडिफिकेशन विंडो दी जाएगी। यदि कोई यात्री टिकट बुक करने के बाद किसी आपात स्थिति के कारण यात्रा नहीं कर पाता है या यात्रा की तारीख बदलना चाहता है, तो वह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऐसा कर सकता है। इसके अलावा, DGCA ने एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कैंसिल या मोडिफाई किए गए टिकटों की राशि जल्द से जल्द यात्रियों को रिफंड करें।
क्यों किए जा रहे हैं ये बदलाव?
DGCA को लंबे समय से यात्रियों से शिकायतें मिल रही थीं कि एयरलाइंस कंपनियां टिकट रद्द करने या बदलाव करने पर अत्यधिक शुल्क वसूलती हैं। कई उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया था। यात्रियों की इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए DGCA ने इस ड्राफ्ट प्रस्ताव को तैयार किया है।
इन नए नियमों से यात्रियों को राहत मिलने के साथ-साथ यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे न सिर्फ शिकायतें कम होंगी, बल्कि एयरलाइन सेक्टर में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
अगला कदम क्या है?
DGCA ने इस प्रस्तावित ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में जारी किया है और जनता से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे। यदि ये नियम स्वीकृत हो जाते हैं, तो भारत में हवाई यात्रियों के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा उपभोक्ता-हितैषी बदलाव साबित होगा।