प्लीज पास कर देना, फेल हुई तो घर वाले…, मैट्रिक-इंटर की कॉपियों में छात्रों का उत्तर पढ़कर टीचर हैरान

बिहार में मैट्रिक और इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। भागलपुर में परीक्षकों को छात्रों की मासूमियत, रोचक और भावुक उत्तर देखने को मिल रहे हैं, जो हंसी और सोच दोनों पैदा कर रहे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 1:51:21 PM

प्लीज पास कर देना, फेल हुई तो घर वाले…, मैट्रिक-इंटर की कॉपियों में छात्रों का उत्तर पढ़कर टीचर हैरान

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बिहार में मैट्रिक और इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है, और इस दौरान परीक्षकों को कई ऐसी कॉपियां मिली हैं, जो हंसी, भावनाओं और बच्चों की मासूमियत से भरी हुई हैं। भागलपुर जिले के मूल्यांकन केंद्रों में अब तक हजारों उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा चुकी है, जिनमें छात्रों के रोचक, व्यंग्यपूर्ण और कभी-कभी भावुक उत्तर देखने को मिल रहे हैं।


भागलपुर जिले में मैट्रिक परीक्षा के लिए छह मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जबकि इंटर की उत्तर पुस्तिकाएं अलग-अलग केंद्रों पर जाँची जा रही हैं। प्रतिदिन 600 से अधिक परीक्षक हजारों उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में जुटे हैं। इस प्रक्रिया में शिक्षक न केवल छात्रों के ज्ञान का मूल्यांकन कर रहे हैं, बल्कि उनकी भावनाओं, कल्पनाओं और मासूमियत का भी अनुभव कर रहे हैं।


छात्रों की मासूम टिप्पणियां और रोचक जवाब

मूल्यांकन केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक लगभग तीन दर्जन ऐसी कापियां सामने आई हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं ने परीक्षकों से अंक बढ़ाने की विनती, पारिवारिक परिस्थिति का हवाला और भविष्य की पढ़ाई के लिए अपील की है। कई छात्रों ने अपने उत्तर के साथ छोटे गीत, कहानियां और रोजमर्रा के अनुभव भी साझा किए हैं।


कुछ दिलचस्प उदाहरण:

1. एक छात्रा ने लिखा, “सबसे पहले आपको प्रणाम करती हूं। मैंने जो कुछ आता है लिखा है। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं, लेकिन नंबर कम आए तो मेरे घर वाले मुझे पढ़ने नहीं देंगे। इसलिए सर और मेम प्लीज प्लीज प्लीज मुझे नंबर दे दीजिएगा और पास कर दीजिएगा। मेरे क्यूट मेम और गुड सर।”


2. हिंदी के प्रश्न ‘बातचीत से क्या होता है?’ पर एक छात्र ने उत्तर में अपनी कहानी और कर्पूरी ठाकुर के गुण गिनाए। उसने लिखा कि अब उससे बातचीत नहीं होती, वह कानपुर में रहता है, और जननायक कर्पूरी ठाकुर बहुत अच्छे इंसान थे और गाना भी गाते थे।


3. ‘चित्रपट की विलक्षण लोकप्रियता’ पर एक छात्र ने उत्तर में गयासुद्दीन तुगलक के फरमान और मिथिला विजय जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का मजेदार अंदाज में जिक्र किया। उसने राजा हरि सिंह और शहीद भगत सिंह तक का नाम लेकर उत्तर प्रस्तुत किया।


4. ‘लाभ’ पर निबंध में एक छात्र ने लिखा, “हम आम का पेड़ लगाते हैं, वह लम्हर होकर आम देता है। कुछ सड़ भी जाता है, जो हमें हानि दे देता है। 10 में कलम खरीदते हैं, 15 में बेच देते हैं, यही तो लाभ है।”


परीक्षकों की प्रतिक्रिया और अनुभव

परीक्षक बताते हैं कि इस तरह की उत्तर पुस्तिकाओं को पढ़ना एक अलग अनुभव देता है। कभी बच्चों की मासूमियत और व्यंग्य हंसाता है, तो कभी उनकी सरलता और भावुकता सोचने पर मजबूर कर देती है। अधिकारियों के अनुसार, छात्रों की भावनाओं और हास्य को देखकर मूल्यांकन का माहौल हल्का और रोचक बन जाता है।


मैट्रिक का मूल्यांकन 13 मार्च तक पूरा होना है। इस प्रक्रिया में 600 से अधिक परीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे हैं, और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण है।