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Bihar News: बिहार सरकार ने बदल दिए बहाली के नियम, अब इन पदों के लिए एक्सपीरियंस भी जरुरी

Bihar News: Bihar News: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला के तकनीकी संवर्ग में नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. जानिए...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 05, 2025, 4:35:01 PM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला (Drug Control Laboratory) के तकनीकी संवर्ग में नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संबंधित उप-संवर्गों में सरकारी विश्लेषक (Government Analyst), जीवाणु-विद (Bacteriologist), वरीय वैज्ञानिक सहायक (Senior Scientific Assistant) एवं टेक्नीशियन जैसे पदों पर नियुक्ति लिखित परीक्षा और पूर्व कार्य अनुभव के आधार पर की जाएगी।


इस निर्णय को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिसूचित किया गया है। इससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और अनुभव की प्राथमिकता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के अनुसार, लिखित परीक्षा बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) या अन्य सक्षम आयोग द्वारा आयोजित की जाएगी।


नए मूल्यांकन मानदंड: लिखित परीक्षा + कार्य अनुभव

कुल 100 अंक की मेरिट आधारित प्रणाली लागू होगी।

लिखित परीक्षा होगी 75 अंकों की

शेष 25 अंक दिए जाएंगे पूर्व कार्य अनुभव के आधार पर।

प्रत्येक संतोषजनक सेवा वर्ष के लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं, जो अधिकतम 5 वर्षों या 25 अंक तक सीमित रहेंगे।

किन अनुभवों को मान्यता मिलेगी?


पूर्व कार्य अनुभव के लिए मान्यता इन संस्थानों में किए गए कार्यों को दी जाएगी। बिहार सरकार, भारत सरकार, नगर पालिका/निगम, पंचायती राज संस्थान, लोक उपक्रम/संस्थान, सेनाओं में अनुबंध आधारित सेवा। इन संस्थानों में गैर-निजी प्रयोगशालाओं में समकक्ष पदों पर कार्यरत अभ्यर्थियों को उनके अनुभव के आधार पर वेटेज मिलेगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि अनुभव के अंक केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेंगे जिन्होंने न्यूनतम कट-ऑफ मार्क्स (Qualifying Marks) अर्जित किए हों। 


इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य और सक्षम अभ्यर्थियों को ही अधिमान्य लाभ मिल सके। इस संशोधन से स्वास्थ्य विभाग के अधीन प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और कार्यकुशलता बढ़ेगी। साथ ही, अनुभवी अभ्यर्थियों को उनके व्यावसायिक अनुभव के लिए न्यायोचित स्थान मिलेगा। इससे न केवल रोजगार प्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि प्रयोगशालाओं में कार्यरत कर्मियों की दक्षता भी उच्च स्तर पर पहुंचेगी।