Bihar Crime News: बिहार में जालसाजों का बड़ा कारनामा, खोल दिया रेलवे का फर्जी ट्रेनिंग सेंटर; दो सौ करोड़ का ट्रांजेक्शन

Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर में आरपीएफ के फर्जी ट्रेनिंग सेंटर मामले में एक निजी बैंक के मैनेजर की लापरवाही सामने आई है, जिसने बिना वेरिफिकेशन के फर्जी कंपनी का खाता खोल दिया.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 14, 2025, 4:20:26 PM

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बिहार क्राइम न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Crime News: आएदिन फ्रॉड का मामला सामने आ रहा है। ऐसी ही एक खबर बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आई है। दरअसल, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के फर्जी ट्रेनिंग सेंटर मामले में मुजफ्फरपुर स्थित एक निजी बैंक के एक ब्रांच मैनेजर फ्रॉड मामले से जुड़ गए है। बता दें कि उन्होंने बिना वेरिफिकेशन के ही कागज पर चल रही कंपनी का चालू खाता खोल दिया, लेकिन मामला तब बढ़ा, जब इससे 200 करोड़ से अधिक का भुगतान फर्जी ट्रेनिंग सेंटर के अभ्यर्थियों को किया गया।


वहीं, इस मामले का खुलासा वाणिज्यकर विभाग की रिपोर्ट से हुआ है। खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है वहीं बैंक मैनेजर की कभी भी गिरप्तारी हो सकती है। मामले की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू खाता खोलने के लिए जो कागजात प्रस्तुत किए गए थे, वह भी फर्जी निकले है। जानकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट के बाद अब सोनपुर रेल पुलिस कभी भी बैंक मैनेजर को गिफ्तार कर सकती है। फिलहाल, गिरफ्तारी को लेकर वरिष्ट पुलिस पदाधिकारी के आदेश का इंतजार है। 


बता दें कि सोनपुर रेल थाना के थानेदार धर्मेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है। साथ ही बताया है कि इस मामले में तेजी से जांच का काम चल रहा है। ताकि मालूम हो कि, दिसंबर 2024 में मोतिहारी के भटहां में आरपीएफ के फर्जी प्रशिक्षण सेंटर का खुलासा हुआ था। इस मामले में मोतिहारी के दीपक कुमार सहित 10 की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार लोगों  से पूछताछ भी हुई है, जिसमें पुलिस को कई महत्त्वपूर्ण जानकारी भी मिली है। वहीं, सूचना से आधार पर गोरखपुर से दो आरोपियों को सोनपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 


इस कांड में फर्जी कंपनी के नाम पर पैसा मंगाकर वेतन भी दिया गया है। वेतन देने के लिए मुजफ्फरपुर के बनारस बैंक चौक के राजेंद्र तिवारी ने एक ट्रेजरी आरओ नामक कंपनी के नाम पर निजी बैंक में खाता खोला था। बैंक मैनेजर की इस खाता के संचालन में लापरवाही सामने आई है। कागजातों की गहनता से जांच किए बगैर उन्होंने खाता खोल दिया। इस मामले में बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के अनुसार कभी भी बैंक मैनेजर गिरफ्तार किए जा सकते है।  घटना की सुचना बैंक के वरिष्ट अधिकारी को भी दिया जा चूका है।