1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 14, 2025, 7:39:00 PM
बिहार क्राइम न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Crime News: बिहार के पूर्णिया जिले से पुलिस पर भरोसे को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वाहन चेकिंग के नाम पर गश्ती दल में शामिल पुलिसकर्मियों ने एक युवक से 1.10 लाख रुपये की जबरन वसूली कर ली। मामला पूर्णिया के केहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत जनता चौक स्थित बीबीगंज पुल के पास बीते दिन देर रात लगभग 12:30 बजे की है।
इस घटना के बाद एसपी ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में एसआई अरुण कुमार झा, सिपाही अनुज कुमार, सिपाही योगेंद्र पासवान, और थाने की गाड़ी का चालक अमन कुमार उर्फ गोलू शामिल हैं। ये सभी केहाट थाना में पदस्थापित थे।
कसबा थाना क्षेत्र के टीकापुर मोहनी निवासी अभिनंदन यादव ने बताया कि वह बेलोरी निवासी अजय कुमार के कहने पर एक बैग में 1.50 लाख रुपये लेकर अपने एक साथी के साथ कार से पूर्णिया आ रहा था। जैसे ही वे जनता चौक बीबीगंज के पास पहुंचे, वहां तैनात रात्रि गश्ती दल ने वाहन जांच के लिए उनकी कार को रोका।
तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बैग पर पड़ी। एसआई अरुण कुमार झा ने बैग के बारे में पूछताछ की और उसे कब्जे में ले लिया। कुछ ही देर में गाड़ी के ड्राइवर अमन कुमार ने बैग से 1.10 लाख रुपये निकाल लिए, जबकि बाकी ₹40,000 युवक को लौटा दिए। इसके बाद गश्ती दल ने कार में रखी शराब की एक टेट्रा पैक के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। जब युवक ने पैसों के बारे में पूछा, तो पुलिस ने उसे थाने की गाड़ी के पीछे आने को कहा, लेकिन इसके बाद पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए।
घटना से आहत अभिनंदन यादव ने तुरंत केहाट थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामला जब एसपी कार्तिकेय के शर्मा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लूटी गई रकम ₹1.10 लाख भी आरोपियों से बरामद कर ली गई है।
एसपी ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस अगर खुद अपराध में लिप्त पाई जाती है तो ऐसे कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को उजागर करती है।