Bihar Crime News: घर में घुसकर महिला से छेड़खानी करता था बिहार पुलिस का दारोगा, कोर्ट ने SSP से मांगा जवाब

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना में तैनात दारोगा विपिन रंजन पर महिला ने घर में घुसकर छेड़खानी, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाते हुए SSP से रिपोर्ट तलब की है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Jun 03, 2025, 6:17:27 PM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में बीते दिनों अहियापुर थाना में पदस्थापित दारोगा विपिन रंजन ने अपने ही क्षेत्र की एक महिला के साथ छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया था। अब यह मामला कोर्ट में जा पहुंचा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए एसएसपी से रिपोर्ट तलब कर दिया है। 


दरअसल, अहियापुर थाना क्षेत्र के मुरादपुर दुल्लाह गांव की एक महिला द्वारा दारोगा विपिन रंजन पर उसके साथ छेड़खानी व मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाये गये। पीड़िता ने बताया कि दरोगा विपिन रंजन अक्सर उनके घर में घुसकर उनकी इज्जत लूटने का प्रयास करते है, लेकिन डर और लोक-लज्जा के कारण वह आजतक किसी से कुछ नहीं बोल पायी। 


पीड़िता ने बताया कि दारोगा विपिन रंजन द्वारा उसे बार-बार अपने घर आने के लिए दबाव दिया जाता है। गत 19 मई की रात डेढ़ बजे जब दरोगा फिर उसके घर पहुंच कर मनमानी करने लगे, तब महिला ने विरोध किया, तो दारोगा द्वारा उसके साथ मारपीट की गई और पिस्तौल के दम पर उसकी साड़ी खिंचकर इज्जत लूटने का प्रयास भी किया गया। 


पीड़िता ने बताया कि जख़्मी हालत में ही वह वहां से भागी और एसकेएमसीएच जाकर अपना इलाज करायी, जब वह लौटकर अपने घर आई तो देखी कि उसके बिस्तर पर तकिये के नीचे रखे 20 हजार रुपये भी गायब है। पीड़िता ने कहा कि दारोगा विपिन रंजन द्वारा उसे शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। थक-हारकर महिला ने न्यायालय की शरण ली। 


महिला द्वारा मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा के माध्यम से दिनांक 24 मई को न्यायालय के समक्ष परिवाद दर्ज कराया गया, जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायालय द्वारा एसएसपी मुजफ्फरपुर से रिपोर्ट की मांग की गई है। मामले के सम्बन्ध में मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि यह रक्षक के भक्षक बनने का तथा मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है। 


पुलिस, जिसपर लोगों की सुरक्षा की जबावदेही है, वही ऐसी घिनौनी हरकत करें, तो लोगों का तो पुलिस-प्रशासन पर से भरोसा ही उठ जायेगा। ऐसे में लोग फरियाद लेकर कहाँ जाये, यह भी एक यक्ष प्रश्न है। इस मामले में अगली सुनवाई 28 जून को होगी।