1st Bihar Published by: BADAL ROHAN Updated May 17, 2025, 10:18:23 PM
इलाके में दहशत - फ़ोटो google
PATNA CITY: बिहार में जब से शराबबंदी लागू हुई है, तब से लोग सुखा नशा करने लगे हैं। स्मैक, हिरोईन, गांजा, नशीली दवाएं पीने लगे हैं। नशा कारोबारियों को इससे चांदी है। क्योंकि नशा करने वाले किसी तरह पैसे का प्रबंध करके इनके पास नशीला पदार्थ लेने के लिए पहुंचते हैं। यदि पैसा नहीं रहता है तो नशेड़ी आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम देने से पीछे नहीं होते। नशा करने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं। चोरी, लूट, छिनतई तक कर स्मैक के लिए पैसे का प्रबंध कर लेते हैं। पटना के लगभग सभी इलाकों में नशे का कारोबार फल फूल रहा है।
पटना सिटी में भी स्मैक माफिया नशे का सामान बेचा करता है। पटना सिटी के खाजेकला थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जब वहां के रहने वाले नन्हे खान ने आवाज उठाई तब ऐसा करना उन्हें भारी पड़ गया। इलाके में स्मैक की बिक्री का विरोध करना नन्हे खां के लिए जानलेवा साबित हो गया। स्मैक कारोबार से जुड़े अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिससे नन्हे खां बुरी तरह घायल हो गये। आनन-फानन में उन्हें तत्काल गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वो अस्पताल में जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस घटना से परिजन काफी सदमें में हैं। डर के मारे कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नन्हे खां पिछले कई दिनों से इलाके में नशे की बिक्री का विरोध कर रहे थे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी थी, जिससे इलाके में सक्रिय स्मैक तस्करों के धंधे पर असर पड़ने लगा था। इसी बात से नाराज होकर माफिया तत्वों ने नन्हे खां को निशाना बनाया। जब इलाका सन्नाटे में डूबा था, तभी बाइक सवार दो हमलावर वहां पहुंचे और नन्हे खां पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह मौके पर ही गिर पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही खाजेकला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की छानबीन शुरू कर दी। नन्हे खां के परिजनों ने हमलावरों के नाम पुलिस को बताए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज कर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटनास्थल से कुछ खोखे भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आख़िर नशा माफिया इतना बेखौफ कैसे हो गया है कि विरोध करने वालों पर खुलेआम फायरिंग कर रहा है? नशा मुक्त समाज की बात करने वाली व्यवस्था क्या इस चुनौती से निपटने में विफल है? इस घटना से इलाके के लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही स्मैक माफिया पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में और निर्दोष लोग इसके शिकार हो सकते हैं।