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Tongue Color: क्या आपकी जीभ भी बदल रही है रंग? जानें... कौन-सा रंग है किस बीमारी का लक्षण

Tongue Color:अकसर ऐसा होता है कि हमारे शरीर के अंग प्रतिक्रिया को देखकर ऐसा महसूस हो जाता है कि हमारा स्वास्थ ठीक नहीं है। ऐसे ही जीभ शरीर का एक ऐसा अंग है, जिसे भले ही सिर्फ खाने का स्वाद लेने के लिए जाना जाता है। जानें... पूरी खबर!

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 06, 2025, 2:28:16 PM

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Tongue Color:अकसर ऐसा होता है कि हमारे शरीर के अंग प्रतिक्रिया को देखकर ऐसा महसूस हो जाता है कि हमारा स्वास्थ ठीक नहीं है। ऐसे ही जीभ शरीर का एक ऐसा अंग है, जिसे भले ही सिर्फ खाने का स्वाद लेने के लिए जाना जाता है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य का आईना होती है। जी हां, जीभ की रंगत आपको शरीर में पल रही बीमारियों के बताने का काम करती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं।सामान्य रूप से जीभ गुलाबी रंग की होती है। ऐसे में यदि आपकी जीभ का रंग काला, पीला या नीला हो रहा है, तो यह आपकी हेल्थ कंडीशन के बारे में बहुत कुछ बताती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि जीभ का कौन सा रंग किस बीमारी का संकेत हो सकता है।


पीली जीभ

अगर आपकी जीभ पीली हो रही है, तो यह एनीमिया, पीलिया, पानी की कमी से होने वाले डिहाईड्रेशन और खराब ओरल हेल्थ के कारण हो सकती है। लिवर की बीमारी में भी जीभ पीली होने लगती है। इसलिए जब भी आपको ऐसा लगे है, तो डॉक्टर से जरुर मिलें। 


काली जीभ
 आपने देखा होगा कि कुछ लोगों की जीभ काली होती है। ऐसा तब होता है, जब मुंह की सफाई अच्छे से नहीं की जाती। इसके अलावा, जो लोग धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करते हैं, उनकी जीभ भी काली हो जाती है। वहीं, एंटीबायोटिक्स के सेवन और डायबिटीज की समस्या भी इसका कारण हो सकती है।


लाल जीभ
 अगर आपकी जीभ गुलाबी से लाल होती जा रही है, तो यह स्कैलेट फीवर और कावासाकी रोग का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में जीभ स्ट्राबेरी की तरह लाल और उभरी हुई दिखने लगती है। इसके अलावा, जिन लोगों को विटामिन बी की कमी की समस्या होती है, उनकी जीभ भी लाल पड़ने लगती है।


नीली जीभ
 नीली जीभ अक्सर ब्लड में ऑक्सीजन की कमी के कारण होती है। दरअसल, जब बॉडी में ऑक्सीजन का सर्कुलेशन अच्छे से नहीं हो पाता है, तो जीभ नीली पड़ जाती है। इससे दिल और फेफड़े की समस्या का भी संकेत मिलता है।


सफेद जीभ
 इस समस्या से तो लगभग हर दूसरा व्यक्ति परिचित होगा। सफेद जीभ यानी जीभ पर जमी सफेद परत मुंह में बैक्टीरिया और फंगस जमा होने से हो बनती है। कमजोर इम्यून सिस्टम इस समस्या को बढ़ा सकता है।


क्या करें बचाव के लिए?

दिन में कम से कम दो बार मुंह और जीभ की सफाई करें।

पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

धूम्रपान और तंबाकू से परहेज करें।

संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर हों।

किसी भी रंगत में बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।


जीभ सिर्फ स्वाद लेने का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के कई संकेत देने वाला अंग है। यदि आपकी जीभ का रंग या बनावट बदल रही है, तो इसे हल्के में न लें। समय रहते जांच और उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।