1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 16, 2024, 5:53:29 PM
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PATNA : लोकसभा चुनाव के बाद ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम को अनलॉक करने के लिए न तो ओटीपी की जरुरत होती है और न ही वह किसी दूसरी डिवाइस से कनेक्ट हो सकता है। इसको लेकर भ्रामक खबरें चलाई गई हैं। गलत खबर चलाने वाले अखबार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच के बाद आयोग जांच करेगा या नहीं, यह बाद में तय होगा।
दरअसल, मुंबई पुलिस ने शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर के एक रिश्तेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद पूरे देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। एक अखबार के गलत खबर को आधार बनाकर विपक्ष ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। इस मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष के नेता आमने-सामने आ गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद आखिरकार चुनाव आयोग सफाई देनी पड़ी है।
ईवीएम में गड़बड़ी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए भारत निर्वाचन आयोग की रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि मीडिया में जो भ्रामक खबर आई है, उसे लेकर कुछ लोगों ने ट्वीट किए हैं। उन्होंने बताया कि ईवीएम को अनलॉक करने के लिए किसी तरह के ओटीपी की जरूरत नहीं होती है और ईवीएम किसी भी डिवाइस से कनेक्ट नहीं हो सकता है। एक अखबार द्वारा पूरी तरह से गलत खबर चलाई गई है।
उन्होंने कहा कि उक्त अखबार को नोटिस जारी किया गया है और मानहानि का केस भी दर्ज कराया गया है। सांसद रविंद्र वायकर के एक रिश्तेदार गौरव को जो मोबाइल रखने की इजाजत दी गई थी, वह उसका खुद का मोबाइल था। पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी। पुलिस की जांच के बाद हम यह बाद में तय करेंगे कि हम इंटरनल जांच करेंगे या नहीं। ईवीएम कोई प्रोग्राम के लिए नहीं है और न ही इसको कोई हैक कर सकता है।
बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के वनराई पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी मंगेश पंडिलकर, महज 48 वोट से जीतने वाले शिवसेना उम्मीदवार रविंद्र वायकर का रिश्तेदार है। वह एक फोन का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल 4 जून को ईवीएम को अनलॉक करने वाले ओटीपी को जेनरेट करने के लिए किया गया था।
इसी मामले को आधार बनाते हुए विपक्ष ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि ईवीएम हैक नहीं होता है और न तो उसे अनलॉक करने के लिए किसी ओटीपी की जरुरत होती है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईवीएम किसी भी दूसरे डिवाइस से कनेक्ट नहीं हो सकता है।