1st Bihar Published by: Updated Tue, 29 Sep 2020 06:41:31 AM IST
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PATNA : विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस ने आरजेडी के सामने 70 से ज्यादा सीटों पर दावा ठोका है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडे लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं। महागठबंधन में कांग्रेस की इस से दावेदारी के बीच बिहार में पार्टी नेताओं का हाल क्या है इसकी हकीकत जाननी है तो किसान कानून को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को समझना होगा। कांग्रेस की तरफ से देश भर में किसान कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम सोमवार को रखा गया था लेकिन पार्टी के नेता प्रदेश कार्यालय से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पाए।
किसान कानून के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के नेता धरने पर तो बैठे लेकिन उनका यह धरना सदाकत आश्रम तक ही सीमित रहा। दरअसल चुनाव के दौरान कांग्रेस के नेताओं को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज ना हो जाए। प्रशासन की टेढ़ी नजर के आशंका और मॉडल कोड आफ कंडक्ट टूटने के डर से बिहार कांग्रेस के नेताओं ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में ही बैठकर धरना दिया हालांकि कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा था कि 28 सितंबर को पार्टी बिहार में राजभवन मार्च करेगी। कांग्रेस के सामने मुश्किल यह भी हुई कि गोहिल के इस ऐलान के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई और इसी धर्म संकट में पार्टी के नेताओं ने सदाकत आश्रम में बैठकर धरने का कोरम पूरा किया।
कितने दिन और स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडे के पटना पहुंचने पर एयरपोर्ट पर हुए स्वागत को लेकर कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा बड़े नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले को देखते हुए बिहार कांग्रेस के नेता अब सतर्कता बरत रहे हैं। एक तरफ प्रशासन की कार्रवाई का डर तो दूसरी तरफ आलाकमान के निर्देश का पालन। इसी ऊहापोह के बीच प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत तमाम कांग्रेसियों ने सदाकत आश्रम में बैठकर धरना दिया।