1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 28, 2024, 4:54:56 PM
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RANCHI: पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने हेमंत सोरेन को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई की। इसके बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के खिलाफ दाखिल हेमंत सोरेन की याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस दौरान हेमंत सोरेन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने की कोई वजह नहीं है, उन्होंने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है, जिसके लिए उनके मुवक्किल को पीएमएलए के अपराध में गिरफ्तार किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हेमंत सोरेन की पैरवी करते हुए कपिल सिब्बल ने खंडपीठ को बताया कि- ऐसी कोई वजह नहीं है, जिसके लिए हेमंत सोरेन को पीएमएलए के अपराध का दोषी ठहराया जाए। सिब्बल ने कहा कि जिस मामले में हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया है, वह प्रेडिकेट ऑफेंस नहीं है। इसलिए ईडी की कार्रवाई और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी दोनों गैरकानूनी है।
जिसपर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कोर्ट में पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कपिल सिब्बल की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करके जमीन की खरीद-बिक्री हुई है।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए हेमंत सोरेन की याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि न्यायिक हिरासत में संवैधानिक अधिकवार निलंबित हो जाते है, ऐसे में हेमंत सोरेन को बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बता दें कि राजधानी रांची में कागजात में हेराफेरी करके जमीन की खरीद मामले में हेमंत सोरेन को ईडी ने 31 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था।