1st Bihar Published by: Ranjan Singh Updated Nov 30, 2020, 4:27:11 PM
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PATNA : नए कृषि कानून के खिलाफ अब वामपंथी दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है. पटना में प्रेसवार्ता आयोजित कर सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई माले ने आगामी 2 दिसंबर को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
वामपंथी दलों ने सरकार से कृषि कानून को वापस लेने की मांग की है. नेताओं ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि पिछले 2 महीनों से पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के किसान आन्दोलन कर रहे हैं लेकिन फिर भी सरकार के काम में जूं तक नहीं रेंग रहा है. अब स्थिति यह हो गई है कि किसानों ने दिल्ली को जोड़ने वाली सभी सड़कों को जाम कर दिया हैं. इतना ही नहीं पीएम मोदी ने 'मन की बात' में भी किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.
सरकार सभी पब्लिक सेक्टर का निजीकारण करती जा रही है. सरकार की इन्हीं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी वामपंथी दलों ने यह फैसला लिया है कि आने वाले 2 दिसंबर को एकजुट होकर संघर्षरत किसानों के साथ समर्थन में और उनके ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. प्रेसवार्ता में वामपंथी दलों के नेता मौजूद थे.