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लोजपा का जेडीयू में हो गया विलय, विधानसभा में विलय को मिली मंजूरी, चिराग के एकमात्र विधायक ने पाला बदला

1st Bihar Published by: Updated Apr 06, 2021, 7:23:38 PM

लोजपा का जेडीयू में हो गया विलय, विधानसभा में विलय को मिली मंजूरी, चिराग के एकमात्र विधायक ने पाला बदला

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PATNA: चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी का विलय नीतीश की जनता दल यूनाइटेड में हो गया है. हैरान मत होइये, बात बिहार विधानसभा की हो रही है. बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा में लोजपा के जेडीयू में विलय को मंजूरी दे दी है. लोजपा के इकलौते विधायक के पाला बदलने से ये घटनाक्रम हुआ है.



राजकुमार सिंह ने पलटी मारी
पिछले विधानसभा चुनाव में बेगूसराय के मटिहानी से लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते राज कुमार सिंह ने पलटी मार ली है. राजकुमार सिंह ने आज बिहार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख कर कहा कि वे विधानसभा में अपनी पार्टी का विलय जेडीयू में करना चाहते हैं. चूंकि राज कुमार सिंह अपनी पार्टी के इकलौते विधायक हैं, इसलिए इसमें कोई अड़चन नहीं आयी.


विधानसभा अध्यक्ष ने एक ही दिन में लोजपा के जेडीयू मे विलय को मंजूरी दे दी. इसके बाद राजकुमार सिंह विधानसभा में जेडीयू के विधायक बन गये हैं. गौरतलब है कि इससे पहले जेडीयू ने बसपा के इकलौते विधायक जमा खान को भी अपने पाले में मिला लिया था. जमा खान के पाला बदलने से विधानसभा में बसपा का जेडीयू में विलय हो गया था.


पहले से ही संपर्क में थे राजकुमार सिंह
दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद से ही राजकुमार सिंह जेडीयू के संपर्क में थे. वे जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी से लगातार मिल रहे थे. नीतीश कुमार से भी मिल आये थे. हालांकि मीडिया जब भी ये पूछती कि जेडीयू में कब शामिल होंगे, वे सवाल को टाल जा रहे थे.  राज कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार महेश्वर हजारी को वोट दिया था. पार्टी लाइन से अलग जा कर उन्होंने जेडीयू का समर्थन किया था. इसके बाद लोजपा ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाये.


विधायक का मासूम कारण
बेगूसराय के मटिहानी से विधायक राज कुमार सिंह ने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष के पद के चुनाव में पार्टी की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं आया था. लेकिन चूंकि स्पीकर पद के लिए हुए चुनाव में पार्टी ने उन्हें बीजेपी के विजय कुमार सिन्हा का समर्थन करने को कहा था. इसलिए उपाध्यक्ष के चुनाव में उन्होंने जेडीयू को वोट दे दिया. राज कुमार सिंह कह रहे हैं कि इसके लिए उन्हें पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. इससे वे आहत हुए औऱ इसलिए पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया.


जेडीयू से हो गयी है डीलिंग
जानकार सूत्रों की मानें तो राज कुमार सिंह की जेडीयू से डीलिंग हो गयी है. उन्हें मंत्री का दर्जा देने का ऑफर दिया गया है. हालांकि इससे पहले हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के समय भी उनके जेडीयू में जाने की चर्चा थी. लेकिन तब मंत्री पद को लेकर बात नहीं बनने के कारण मामला टल गया था.