नई सरकार में नौकरी की बहार : स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर बहाली, 30 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2024, 7:52:01 AM

नई सरकार में नौकरी की बहार : स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर बहाली,  30 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन

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PATNA : बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही बड़े पैमाने पर बहाली की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में बिहार के हेल्थ सब सेंटर और हेल्थ वेलनेस सेंटर में 4500 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की नियुक्ति होगी। बीएससी नर्सिंग पास अभ्यर्थियों से राज्य स्वास्थ्य समिति ने आवेदन मांगा है। एक से 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इनकी संविदा पर नियुक्ति होगी। प्रतिमाह 32 हजार वेतन और 8 हजार रुपए इंसेंटिव सहित कुल मिलाकर 40 हजार मिलेंगे। shs.bihar.gov.in पर विशेष जानकारी दी गई है। 


स्वास्थ्य विभाग के तरफ से निकाली गई बहाली में अत्यंत पिछड़ा वर्ग 1345,अत्यंत पिछड़ा वर्ग महिला 331,पिछड़ा वर्ग 702, पिछड़ा वर्ग महिला 259,अनुसूचित जाति 1279, अनुसूचित जाति महिला 230, अनुसूचित जनजाति 95, अनुसूचित जनजाति महिला 36, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 145, आर्थिक रूप से कमजोर महिला 78 के लिए पद है। 


मालूम हो कि, नीतीश कुमार की वर्तमान सरकार बेरोजगारों को नौकरी और रोजगार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया था कि राज्य में 10 लाख सरकारी नौकरी और दस लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इसके तहत करीब पांच लाख लोगों को नौकरी देने का दावा बिहार सरकार करती है।


 सिर्फ शिक्षा विभाग में दो लाख से ज्यादा बहाली हो चुकी है और हजारों पाइप लाइन में हैं। नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा देने के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया है तो बीपीएससी से नई बहालियां करने की प्रक्रिया चल रही है। इस भर्ती में जेनरल कोटि के लिए एक भी पद नहीं है। बिहार में सरकारी नौकरी देने को लेकर नीतीश कुमार और आरजेडी के बीच क्रेडिट वार भी चल रहा है। अगस्त 2022 में नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बनाई। फिर एनडीए में आ गए।


उधर, सरकार से अलग हुए तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी नौकरी और रोजगार का क्रेडिट खुद ले रही है। तेजस्वी यादव यह घूम घूम कर कहते हैं कि 17 महीने में उन्होंने लाखों नौकरियां बांटी। नीतीश कुमार भी पलटवार करने में पीछे नहीं हैं। उनकी पार्टी दावा करती है कि रोजगार और नौकरी का प्लान सरकार पहले ही बना चुकी थी। तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री रहते उसे लागू किया गया। रोजगार मतलब नीतीश सरकार के पोस्टर भी लगाए जाते हैं।