1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 02, 2024, 8:41:49 AM
- फ़ोटो
PATNA : बिहार के नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने को लेकर सक्षमता परीक्षा ली जा रही है। विभाग ने इस परीक्षा में पास होने के लिए तीन अवसर दिए हैं. अगर इसके बावजूद नियोजित शिक्षक पास नहीं होंगे, तो उनका क्या होगा? इसका फैसला केके पाठक करेंगे। इतना ही नहीं इसको लेकर पाठक ने एक कमेटी बनाई है।
दरअसल, बिहार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने को लेकर सक्षमता परीक्षा ली जा रही है। इस परीक्षा में पास होने के लिए नियोजित शिक्षकों को तीन अवसर दिए जाएंगे,अगर इसके बावजूद वे पास नहीं होते हैं.तो वैसे नियोजित शिक्षकों का क्या होगा, इसका फैसला अब केके पाठक करेंगे। इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है।
यह कमेटी तय करेगी कि जो शिक्षक तीन अवसर में भी सक्षमता परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं, उनके साथ आगे क्या किया जाएगा? क्या ऐसे शिक्षक फिर से विद्यालय में बच्चों को पढ़ाएंगे या उनसे कोई गैर शैक्षणिक कार्य लिया जाएगा, या फिर उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इन सभी बिंदुओं पर कमेटी विस्तार से चर्चा करेगी। यह कमेटी एक सप्ताह के अंदर अपनी अनुशंसा सरकार को देगी।
मालूम हो कि, शिक्षा विभाग के अपर सचिव सुबोध कुमार के हस्ताक्षर से कमेटी के गठन का आदेश विभाग ने गुरुवार को जारी कर दिया है। इस कमेटी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष, निदेशक प्राथमिक शिक्षा, निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद और निदेशक माध्यमिक शिक्षा सदस्य बनाए गए हैं। अब देखना है कि यह कमेटी क्या फैसला लेती है? फिलहाल सक्षमता परीक्षा के आयोजन की जिम्मेवारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पास है। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षक बहाली परीक्षा के दूसरे चरण में जो अभ्यर्थियों के लिए सिलेबस था, वही सिलेबस शिक्षकों के लिए होगा।
आपको बताते चलें कि, सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने पर नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा मिल जाएगा। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 15 फरवरी तक चलेगी. सक्षमता परीक्षा के लिए 26 फरवरी से ऑनलाइन मोड में सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) का आयोजन किया जाएगा, जो 13 मार्च तक चलेगी।