पाठक जी की तबीयत बिगड़ गयी: छुट्टी पर गये केके पाठक, डॉ.अजय से बदसलूकी के बाद केस-मुकदमे में फंसे हैं

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 08, 2024, 2:51:30 PM

पाठक जी की तबीयत बिगड़ गयी: छुट्टी पर गये केके पाठक, डॉ.अजय से बदसलूकी के बाद केस-मुकदमे में फंसे हैं

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PATNA: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की तबीयत खराब हो गयी है. उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को पत्र लिखा है. उसमें कहा गया है कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें छुट्टी चाहिये. लिहाजा 8 जनवरी से 14 जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे. उनकी अनुपस्थिति में शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव विभाग का काम-काज देखेंगे. 


मेगा नियुक्ति पत्र वितरण में नहीं रहेंगे पाठक

बता दें कि बिहार में बीपीएससी द्वारा दूसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति के बाद सरकार ने मेगा इवेंट रखा है. 13 जनवरी को पटना में नियुक्ति पत्र बांटने का सरकारी कार्यक्रम रखा गया है. इसमें नीतीश कुमार 25 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटेंगे. लेकिन शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम में विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ही मौजूद नहीं रहेंगे.


डॉ अजय से बदसलूकी का है आरोप

बता दें कि केके पाठक इन दिनों नये मामले में फंसे हैं. केके पाठक पर आरोप है कि उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसियेशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय कुमार को फोन कर अपशब्द बोले हैं. डॉ अजय ने इस मामले में थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. इसमें कहा गया है कि पिछले 25 दिसंबर को वे अपने परिवार के साथ केरल में छुट्टी मना रहे थे. उसी दौरान एक नंबर से उन्हें कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को केके पाठक बाताया. फोन पर कई अपशब्द कहे गये. 


इस फोन कॉल का ऑडियो वायरल हो गया है. डॉ अजय कुमार ने पुलिस को जानकारी दी है कि 4 जनवरी को जब वे गोल्फ खेल कर अपने घर लौट रहे थे तो रास्ते में दो बाइक सवार लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी. आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बदसलूकी के बाद बिहार के डॉक्टरों ने सरकार से केके पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं, डॉ अजय कुमार ने भी मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री औऱ गृह मंत्री को पत्र लिख कर केके पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इसी बीच केके पाठक छुट्टी पर चले गये हैं. वैसे केके पाठक ने न सिर्फ डॉ अजय कुमार बल्कि खबर चलाने वाले मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस भिजवाया है.