Hindi News / news / पूर्व सांसद आर.के.सिन्हा ने ममता बनर्जी पर बोला हमला, कहा- अपना बुद्धि-विवेक खो...

पूर्व सांसद आर.के.सिन्हा ने ममता बनर्जी पर बोला हमला, कहा- अपना बुद्धि-विवेक खो चुकी हैं ममता दीदी, "विनाशकाले,विपरीत बुद्धि"

1st Bihar Published by: Updated Mar 31, 2021, 12:56:35 PM

पूर्व सांसद आर.के.सिन्हा ने ममता बनर्जी पर बोला हमला, कहा- अपना बुद्धि-विवेक खो चुकी हैं ममता दीदी, "विनाशकाले,विपरीत बुद्धि"

- फ़ोटो

PATNA: राज्यसभा के पूर्व सांसद आर.के.सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि सिर पर जब विनाश मंडराता है तो उसका बुद्धि और विवेक नष्ट हो जाता है। आर.के.सिन्हा ने कहा 'विनाशकाले, विपरीत बुद्धि'...


पूर्व सांसद आर.के.सिन्हा ने कहा कि मंगलवार को नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित किया था। सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि मुझ पर जितने हमले हुए ये सब बिहार और यूपी के गुंडों ने किये हैं। इसी बात को लेकर आर.के.सिन्हा ममता पर हमलावर दिखे। आर.के. सिन्हा ने बताया कि ममता बनर्जी पर कोई हमले नहीं हुए। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बीच-बीच में नाटक करन उनकी पुरानी आदत है। जिसे बंगाल की जनता भी जानती है। जिसे वे अभी भी हमला बता रही हैं उससे बड़ा कोई ढोंग हो ही नहीं सकता।


किसी का पैर टूटा हो या पैर में फ्रैक्चर हो और वह घूमता फिरे, यह तो जिनके कभी पैर टूटे होगें वे ही बता सकते हैं कि यह कितना संभव हो सकता है, या संभव नहीं हो सकता है। दूसरी बात यह है कि ममता दीदी ने पूरे बिहार का ही नहीं बंगाल का और अपने पूर्वजों का भी अपमान किया है। क्योंकि, बंगाल आज भी जिसके नाम से प्रसिद्ध है, जिनके लिये बंगवासी अमार विवेकानन्दों, अमार रवीन्द्रनाथ ठाकुर, अमार महर्षि अरबिन्दों का रट लगाकर गौरवान्वित होते हैं। ये हुये थे तब बिहार और बंगाल एक ही था। हमारे पूर्वज भी उतने ही बंगाली थे, जितने की ममता दीदी के थे और ममता दीदी के पूर्वज भी उतने ही बिहारी थे जितने कि हमारे पूर्वज थे। 


ममता दीदी क्या कर रही हैं ये सबको पता है। क्षेत्र और प्रांत के नाम पर वैमनस्य फैलाने का जो कार्य ममता कर रही हैं इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होने वाला। इससे तो पूरे देश में रहने वाले बंगवासी भाई-बहनों का सिर शर्म से झुक गया होगा। कहा गया है कि किसी के सिर पर जब विनाश मंडराता है तो उसका बुद्धि, विवेक नष्ट हो जाता है। ‘‘ विनाशकाले, विपरीत बुद्धि"