1st Bihar Published by: Updated Sun, 12 Jan 2020 12:26:42 PM IST
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PATNA : बिहार की सबसे बड़ी विरोध दर राष्ट्रीय जनता दल में अंदरुनी कलह की खबरों के बीच अब डैमेज कंट्रोल का काम शुरु हो गया है। पार्टी ने 'ऑल इज वेल' कहते हुए किसी भी तरह के विवाद की बात से इंकार किया है। वहीं कहा गया है कि दोनों ही पार्टी के प्रति समर्पित नेता है किसी मुद्दे पर अगर कुछ नाराजगी होगी तो दोनों ही नेता मिल बैठ कर आपस में बातचीत कर उसे दूर कर लेगें।
पार्टी विधायक एज्या यादव ने कहा कि पार्टी में सबकुछ ठीक है । कहीं भी कोई कलह नहीं हैं। पार्टी उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह प्रकरण पर उन्होनें कहा कि दोनों ही पार्टी के बड़े और समर्पित नेता है। अगर किसी मुद्दे पर नाराजगी है भी तो वे आपस में मिल बैठकर उसे सुलझा लेंगे। ये पार्टी का अंदरुनी मुद्दा है। एज्या यादव ने कहा कि दोनों की नेता साफ-साफ बात करने के लिए जाने जाते हैं। हर व्यक्ति को पार्टी के अंदर अपनी बातें रखने का अधिकार है।
बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव को पत्र लिखकर पार्टी में संगठनात्मक चुनाव और जमीनी स्तर की हकीकत को उन्होंने सामने रखा है। लालू यादव को लिखे अपने पत्र में रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी की तरफ से तय किए गए कार्यक्रम पर अमल नहीं करने का आरोप लगाया है। रघुवंश बाबू ने कहा है कि साल 2020 बिहार में चुनाव का साल है और यह आरजेडी के लिए भी निर्णायक स्थिति है। ऐसे में पार्टी संघर्ष और कार्यक्रम से पीछे कैसे हट सकती है। बिना देरी के हर स्तर पर समितियों और वर्ग संगठन के गठन और उसपर लगातार चर्चा की जरूरत बताई है। सत्ताधारी पक्ष की तरफ से आरजेडी पर किए जा रहे हैं। लगातार हमलों का जवाब नियमित तौर पर नहीं दिए जाने को भी रघुवंश बाबू ने गंभीर बताया है।
वहीं रघुवंश प्रसाद सिंह ने जगदानंद सिंह के साथ-साथ तेजस्वी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजस्वी की कार्यशैली को आईना दिखाते हुए लालू यादव को रघुवंश प्रसाद सिंह ने जिस तरह पत्र लिखा है वह आरजेडी की अंदरूनी खींचतान को सतह पर लेकर आ गया है। अब देखना होगा कि लालू यादव रघुवंश के मोर्चेबंदी को कैसे शांत कर पाते हैं।