1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 04, 2024, 6:51:08 PM
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PATNA: शरद पवार की पार्टी एनसीपी के नेता द्वारा भगवान श्रीराम के मांसाहारी बताने पर नया विवाद छिड़ गया है। एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है लेकिन बीजेपी ने इसको लेकर जोरदार हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने कहा है कि शरद पवार के नेता को कोई सद्बुद्धि नहीं आई है कि उन्होंने माफी मांगी बल्कि सनातन से डर का नतीजा है कि उनसे माफी मंगवाई गई है।
दरअसल, शरद पवार गुट के एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भगवाप राम मांसाहारी थे और जंगल में जाकर शिकार करके खाते थे। आगे एनसीपी नेता ने कहा था कि 14 साल तक जंगल में रहने वाला इंसान शाकाहारी कैसे हो सकता है। राम शाकाहारी नहीं थे बल्कि मांसाहारी थे। उन्होंने भगवान राम को बहुजन भी बताया था। एनसीपी नेता के इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया।
जितेंद्र आह्वाड पर भड़की बीजेपी ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ मुंबई में केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद अब भगवान राम को मांसाहारी बताने वाले शरद पवार करीबी और एनसीपी नेता ने माफी मांग ली है और कहा है कि बिना रिसर्च किए नहीं बोलना चाहिए। कभी-कभी गलती हो जाती है। यदि मेरी बात से किसी को ठेस पहुंचती है तो माफी मांगते है।
एनसीपी नेता के माफी मांगने के बाद गिरिराज सिंह ने बड़ा हमला बोला है। गिरिराज ने कहा है कि NCP के नेता ने पहले श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिया और बाद में माफी मांगी। अगर कोई व्यक्ति किसी बड़े महापुरुष को या अपने दल के बड़े नेता को गाली दे और फिर मांफी मांग ले तो जो उसके बड़े नेता के दिल पर बैठेगा वह वापस हो जाएगा क्या?
उन्होंने कहा कि श्री राम को गोली देकर इन्हें हिंदू आस्था को अपमानित करना है। एनसीपी नेता को कोई सद्बुद्धि नहीं आई है बल्कि भय आया है। आज का युवा इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता है। सनातन से भय के कारण शरद पवार ने अपने नेता से माफी मंगवाया है लेकिन गाली देकर कोई माफी मांग ले यह माफ करने योग्य नहीं है।