1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 25, 2024, 8:57:27 AM
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PATNA : बिहार में शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपतियों व पदाधिकारियों की बैठक बुलाने को लेकर विभाग और राजभवन में एक बार फिर ठन गयी है। शिक्षा विभाग ने शनिवार को तीसरी बार पत्र जारी कर सभी कुलपतियों और पदाधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने विभाग द्वारा 28 फरवरी को पूर्व निर्धारित बैठक में भाग नहीं लिया, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जायेगी।
दरअसल, शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ रेखा कुमारी ने शनिवार को पूर्णिया विवि और मगध विवि बोध गया के कुलपति व कुलसचिव को पत्र लिखकर नसीहत भी दी है। इस पत्र की कॉपी राज्य के सभी विवि के कुलपतियों को भेजी गयी है। शिक्षा विभाग ने इसके पहले पाटलिपुत्र विवि के साथ ही सभी विवि को 28 फरवरी की बैठक में भाग लेने को अनिवार्य करार दिया है।
विभाग ने कुलपतियों को पत्र लिखकर राजभवन का नाम लिये बिना दोहराया है कि बैठक के संबंध में अन्य प्राधिकार से अनुमति और दिशा-निर्देश की मांग मूर्खतापूर्ण है और किसी भी परिस्थिति में यह वांछनीय नहीं है। पत्र में यह भी कहा गया है कि शिक्षा विभाग सभी विश्वविद्यालयों का प्रशासी विभाग है। उच्च शिक्षा निदेशक ने लिखा कि विभाग को उम्मीद है कि कुलपति और कुलसचिव जैसे वरीय पदाधिकारी इन मूल नियमों की पूरी जानकारी रखते होंगे।
वहीं, इस पत्र में कहा गया है कि यह स्पष्ट करें कि प्रशासी विभाग की बैठकों में भाग लेने के लिए आपने किस नियम के तहत किसी अन्य प्राधिकार से अनुमति मांगना आवश्यक समझा। ऐसे में समीक्षा बैठक में भाग लेना आपकी इच्छा पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि बैठक में भाग लेना अनिवार्य है। पत्र के माध्यम से सभी विश्विद्यालयों को भी सूचित किया गया है कि इस समीक्षा बैठक में भाग लेना अनिवार्य है, जो विश्वविद्यालय के पदाधिकारी बैठक में भाग नहीं लेंगे उनके विरुद्ध यथोचित कार्रवाई की जायेगी।