1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 24, 2023, 7:04:12 PM
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PATNA: पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों में यदि साहस है, तो वे सनातन धर्म, राष्ट्रभाषा हिंदी और बिहार के मेहनती लोगों के विरुद्ध घोर अपमान का भाव रखने वाले द्रमुक को इंडी गठबंधन से बाहर करें।
सुशील मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के निर्माण उद्योग में लगे बिहार के हजारों लोगों को "टायलेट साफईकर्मी" बताने वाला द्रमुक नेता दयानिधि मारन का बयान आपत्तिजनक और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि समाज में भाषा और प्रांत के आधार पर नफरत फैलाने वाले ऐसे बयान पर लालू प्रसाद और नीतीश कुमार को चुप रहने के बजाय मुख्यमंत्री स्टालिन से बात कर द्रमुक पर दबाव बढाना चाहिए।
सुशील मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस उस द्रमुक के साथ सत्ता में है, जिसने वहाँ राहुल गांधी की "मोहब्बत की दुकान" में बिहारियों और उत्तर भारतीय लोगों के लिए नफरत का माल भर दिया है।
उन्होंने कहा कि तीन हिंदी भाषी प्रदेशों में भाजपा की विजय और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भारत को उत्तर-दक्षिण में बाँटने की राजनीति को सुनियोजित ढंग से हवा दी जा रही है। मारन का बयान उसी राजनीति का हिस्सा है।