Budget Session 2026: बिहार विधानसभा में उठा फार्मर आईडी का मामला, कृषि मंत्री को देना पड़ा जवाब

Budget Session 2026: बिहार विधानसभा में फार्मर आईडी को लेकर विपक्ष ने चिंता जताई। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन में स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने से अब तक किसी भी किसान को पीएम किसान योजना से वंचित नहीं किया गया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 03 Feb 2026 12:44:37 PM IST

Budget Session 2026

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Budget Session 2026: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जारी है। सदन में ध्यानाकर्षण के दौरान फार्मर आई का मामला विपक्ष ने उठाया। विपक्षी सदस्य ने आशंका जताई कि फॉर्मर आईडी नहीं बनने से लाखों किसान किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने से वंचित हो जाएंगे। इस पर सरकार की तरफ से कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने जवाब दिया।


कल्याणपुर से बीजेपी विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह बिहार राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ करोड़ों किसान ले रहे हैं। इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों की पात्रता निर्धारण के लिए रजिस्टर में किसान के नाम जमीन विवरणी समेत दर्ज होने चाहिए लेकिन इस संबंध में कोई अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया और मनमाने ढंग से लोग इसका लाफ लेते रहे।


उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत लाभुकों की संख्या में फॉर्मर आईडी जनरेट नहीं होने के कारण लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी होने की संभावना है। ऐसे में सभी किसानो को भविष्य में भी इस योजना का लाभ मिलता रहे इसके लिए उनका नाम सरकारी रजिस्टर में दर्ज करने के लिए सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हैं।


इस पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने जवाब देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ उन्हीं किसान परिवारों को दिया जाता है जिनके स्वयं के नाम से जमीन की जमाबंदी है। वर्तमान में भारत सरकार के दिशा निर्देश पर राज्य के सभी पीएम किसान लाभुको का रजिस्टर तैयार किया जाना है। विशेष अभियान चलाकर फार्मर जरिस्ट्री का काम किया जा रहा है।


मंत्री ने सदन को बताया कि अबतक किसी भी पीएम किसान सम्मान निधि के लाभुक को फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं किया गया है। वैसे किसान जिनके जमीन की जमाबंदी उनके पूर्वजों के नाम पर है उन सभी किसानों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ऑन लाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं के नाम से जमाबंदी कराने और फॉर्मर आईडी बनाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।