1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 06, 2025, 10:19:03 AM
Ram Mandir - फ़ोटो Ram Mandir
Ram Mandir: अगर आप प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या आने और श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए दर्शन के समय में बदलाव किया है। पहले जहां राम भक्त सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक दर्शन कर सकते थे, अब यह समय घटाकर सुबह 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक कर दिया गया है।
दर्शन का नया समय
श्रीराम मंदिर में अब भक्त सुबह 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक प्रभु रामलला के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के प्रबंधन द्वारा यह निर्णय भीड़ को नियंत्रित करने और बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
आरती का समय
दर्शन-पूजन के समय के साथ-साथ आरती के समय में भी बदलाव किया गया है।
सुबह 5:30 बजे प्रभु श्रीराम की मंगला आरती होगी।
सुबह 6:00 बजे श्रृंगार आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर का दरबार खोल दिया जाएगा।
रात 9:30 बजे शयन आरती के बाद मंदिर का दरबार बंद कर दिया जाएगा।
बदलाव क्यों किया गया?
प्रयागराज कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या आ रहे थे। इसी को देखते हुए पहले दर्शन का समय बढ़ाया गया था। लेकिन अब भक्तों की संख्या में कमी आने के बाद दर्शन के समय को संशोधित किया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि यह बदलाव 6 फरवरी से लागू हो गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य भक्तों को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
आगामी यात्राओं के लिए ध्यान देने योग्य बातें
दर्शन-पूजन का समय सुबह 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक ही रहेगा।
सुबह की आरती का अनुभव करना हो तो समय पर पहुंचें।
मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए ट्रस्ट ने अतिरिक्त प्रयास किए हैं, जिससे दर्शन सहज हो सके।
परिवार और बच्चों के साथ यात्रा की योजना बनाते समय नई समय-सारणी का ध्यान रखें।
अयोध्या आने वाले भक्तों के लिए संदेश
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। दर्शन के दौरान किसी भी असुविधा से बचने के लिए नई समय-सारणी का पालन करें और मंदिर प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का ध्यान रखें। अयोध्या में अपनी यात्रा को यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बनाने के लिए अपनी योजना को इन बदलावों के अनुसार तैयार करें।