1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 19, 2025, 8:20:34 AM
Premanand Maharaj - फ़ोटो Premanand Maharaj
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज आजकल सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं। उनकी सत्संग की वीडियो क्लिप्स रील्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खूब वायरल होती हैं। अपने प्रवचनों के माध्यम से वे लोगों को सांसारिक और आध्यात्मिक ज्ञान देने का कार्य करते हैं। उनका मानना है कि जो भी व्यक्ति सही मार्ग पर चलता है, वह जीवन की कठिनाइयों से आसानी से निपट सकता है।
पदयात्रा और हालिया चर्चा
प्रेमानंद महाराज की वृंदावन में निकाली जाने वाली पदयात्रा बेहद प्रसिद्ध है, जिसमें हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हाल ही में उनकी पदयात्रा का विरोध होने के कारण वे फिर से चर्चा में आ गए थे। हालांकि, उनके भक्तों की संख्या इतनी अधिक है कि उनके समर्थन में भी कई लोग सामने आए।
पुनर्जन्म को लेकर प्रेमानंद महाराज का मत
महाराज जी ने अपने एक सत्संग में बताया कि पुनर्जन्म उन्हीं का होता है, जिनके मन में वासना बची रहती है। उन्होंने पूज्य उड़िया बाबा जी महाराज का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी चीज की अत्यधिक इच्छा रखता है, तो उसका अगला जन्म उसी के अनुरूप होगा।
पुनर्जन्म से बचने का उपाय
मन में वासना या अत्यधिक मोह न रखें।
जीवन में त्याग और समर्पण का भाव अपनाएं।
गुरु, ईष्टमंत्र और इष्टदेव को जीवनभर एक ही रखें और उन्हें कभी न बदलें।
आध्यात्मिक जीवन अपनाकर मोक्ष प्राप्ति का प्रयास करें।
पुनर्जन्म कब और कैसे होता है?
महाराज जी ने बताया कि यदि मृत्यु के समय व्यक्ति के मन में कोई अधूरी इच्छा (वासना) बची हो, तो उसका पुनर्जन्म निश्चित होता है। यह जरूरी नहीं कि वह फिर से मनुष्य के रूप में जन्म ले। जन्म उसी रूप में होता है, जिससे उसकी वासना पूरी हो सके। प्रेमानंद महाराज के ये विचार लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित करते हैं और जीवन के गहरे रहस्यों को समझने का मार्ग दिखाते हैं।