1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 05, 2025, 6:59:51 PM
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Ram Navmi 2025: राम नवमी का पर्व देशभर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान राम की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक पुराणों के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम ने माता कौशल्या की कोख से जन्म लिया था। हर साल इसी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है। इस बार राम नवमी 6 अप्रैल, रविवार को है।
भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में हुआ था। इस अवसर पर अयोध्या के अलौकिक राम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है। रामलला के प्राकट्य बेला में मध्याह्न के समय उनके ललाट पर सूर्याभिषेक होता है। सूर्य की रोशनी इस तरह पड़ेगी, मानो भगवान राम को सूर्य तिलक लगा दिया हो।
राम नवमी के दिन सूर्य की रश्मियां 12 बजे से 12:04 मिनट तक रामलला की मूर्ति के ललाट के मध्य पर सटीक रूप से रहेंगी। लगभग चार मिनट तक रामलला की मूर्ति पर सूर्य तिलक रहेगा। भक्त दूरदर्शन और अपने मोबाइल पर सूर्याभिषेक का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। पूरे रामलला मंदिर परिसर को गुलाबी रंग की दमक रही एलईडी लाइटों से रोशन किया गया है।
इस दौरान, मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र, तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव, न्यासी डॉ. अनिल और अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे। राम नवमी के पावन दिन रामलला का विशेष प्रसाद इलायची दाने का वितरण सभी दर्शनार्थियों को किया जाएगा।
रामलला का अभिषेक सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक होगा। इसके बाद, सुबह 10:30 से 10:40 बजे तक पर्दा रहेगा। 10:40 से 11:45 बजे तक दर्शन होंगे और सुबह 11:45 बजे भोग लगेगा। भोग के समय दर्शन नहीं होंगे, जब पर्दा रहेगा। श्रीरामलला का जन्म दोपहर 12 बजे होगा, और जन्म के बाद आरती होगी।