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Rinku Singh : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच रिंकू सिंह के पिता का निधन, टीम इंडिया को बड़ा झटका

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर से निधन। टीम इंडिया को मिल सकता है बड़ा झटका।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 8:34:56 AM

Rinku Singh : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच रिंकू सिंह के पिता का निधन, टीम इंडिया को बड़ा झटका

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Rinku Singh : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के जीवन में गहरा दुख छा गया है। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। उनके निधन की खबर से खेल जगत और रिंकू के चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।


रिंकू सिंह इस समय टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का हिस्सा हैं। वह 23 फरवरी को टीम के साथ चेन्नई पहुंचे थे। चेन्नई पहुंचने के बाद ही उन्हें अपने पिता की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना मिली। खबर मिलते ही रिंकू ने बिना देर किए टीम मैनेजमेंट से अनुमति ली और अपने घर के लिए रवाना हो गए। उस समय उनके पिता को गंभीर हालत में ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी। उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था और उनकी किडनी की स्थिति को देखते हुए निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा रही थी।


हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। खानचंद सिंह के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू सिंह अपने पिता से बेहद करीब थे। उनके क्रिकेट करियर की सफलता के पीछे उनके पिता का बड़ा योगदान रहा है।


पिता से मुलाकात के बाद रिंकू ने टीम के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला लिया था। उनके इस निर्णय की हर ओर सराहना हुई थी। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से एक दिन पहले टीम के साथ वापस जुड़ गए थे। हालांकि उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी, लेकिन वह एक्स्ट्रा फील्डर के रूप में मैदान पर उतरे थे। अब पिता के निधन के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि रिंकू सिंह टूर्नामेंट बीच में छोड़कर अपने घर लौट सकते हैं। फिलहाल टीम प्रबंधन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि वह आगे के मैचों में टीम का हिस्सा रहेंगे या नहीं।


रिंकू सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण रही है। उनके पिता खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी में काम करते थे। वह घर-घर जाकर कुकिंग गैस सिलेंडर की डिलीवरी करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने रिंकू को क्रिकेट खेलने के लिए हरसंभव समर्थन दिया।


रिंकू सिंह की सफलता के बाद भी उनके पिता ने अपना काम नहीं छोड़ा। वह अक्सर कहते थे कि मेहनत से कमाया गया हर छोटा काम सम्मानजनक होता है। बेटे की कामयाबी पर उन्हें गर्व था, लेकिन उन्होंने सादगी और मेहनत का रास्ता नहीं छोड़ा। यही संस्कार रिंकू के व्यक्तित्व में भी झलकते हैं।


आज जब रिंकू सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं, तब उनके जीवन के इस कठिन मोड़ ने सभी को भावुक कर दिया है। क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के जरिए रिंकू और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


यह समय रिंकू सिंह और उनके परिवार के लिए बेहद कठिन है। एक ओर देश के लिए खेलने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर पिता को खोने का गहरा दुख। आने वाले दिनों में वह क्या फैसला लेते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। फिलहाल पूरा देश इस दुख की घड़ी में रिंकू सिंह के साथ खड़ा नजर आ रहा है।